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सामान नहीं, सम्मान

पिछले दिनों अखबार में पढ़ा कि महात्मा गांधी से जुड़ी कुछ चीजों की नीलामी विदेश में हुई है। इसके बाद तो भारत में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। हालांकि, यह प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। अपने देश में महात्मा गांधी की पूजा होती है। वह न केवल भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अगुआ रहे हैं, बल्कि उन्होंने हमें नैतिकता और सर्व धर्म समभाव जैसे गुणों को जीना सिखाया। लेकिन हमें यह समझना होगा कि गांधीजी के सामान को सहेजने की बजाय हम उनके विचार को सहेजें। दीवार पर बापू की तस्वीर टांगकर उसके नीचे घूसखोरी और झूठ को बढ़ावा दिया जाए, तो क्या फायदा? बेशक उनसे जुड़ी हर चीज बहुमूल्य है, पर उनके विचार व मूल्य कहीं ज्यादा कीमती हैं। इसे न कोई खरीद सकता है और न ही बेच सकता है। महात्मा गांधी के आदर्शो पर चलने के लिए न उनके चश्मे की जरूरत है और न ही उनके खून में सनी मिट्टी की।
करुणा, पटना, बिहार

खाकी का डर
बिहार के नवादा जिले में पुलिस हिरासत में एक शख्स की मौत हो गई। वैसे हिरासत में मौत की यह कोई पहली घटना नहीं है। आए दिन हम अखबारों के जरिये ऐसी घटनाओं से रूबरू होते रहते हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2010-11 में पुलिस हिरासत में 1,574 लोगों की मौत हुई। खास तौर पर बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में इस तरह की घटनाएं क्रमश: सर्वाधिक होती हैं। अंदाजन, देश में प्रतिदिन चार लोगों की मौत कस्टडी में होती है। खैर, बिहार में घटी इस हालिया घटना से आशंकाएं पैदा होती हैं। आखिर पुलिस चौकियों में कैसे इतनी मौतें हो रही हैं? इन्हीं वजहों से लोग खाकी को देखकर डरते हैं। अगर यही हाल रहा, तो कैसे 21 वीं सदी के अतुल्य भारत का निर्माण होगा?
वैभव शर्मा ‘वशिष्ठ’
पीलीभीत, उत्तर प्रदेश

खान की पहचान
अभिनेता शाहरुख खान को अमेरिका के एक हवाई अड्डे पर रोका गया और उनसे घंटों पूछताछ चली। इससे पहले भी उन्हें एक बार अमेरिकी हवाई अड्डे पर रोका गया था। हालांकि, दोनों ही बार वहां के प्रशासन ने इसके लिए खेद जताया, पर इससे हमारे जख्म कम नहीं हो जाते। पहले भी भारत के पूर्व राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री, उद्योगपति और अन्य नेताओं को अमेरिका में अपमानित होना पड़ा है। हर बार यही देखने को मिला कि भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद उन्हें छोड़ा गया और फिर अमेरिकी प्रशासन की ओर से माफी मांग ली गई। मैं अमेरिका से यह पूछना चाहती हूं कि उनके किस शहर के लोग शाहरुख खान को नहीं जानते-पहचानते? क्या बॉलीवुड का यह बादशाह विदेशों में किसी परिचय का मोहताज है? और अगर है, तो फिर इनकी फिल्में क्यों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता बटोरती हैं?
शशिप्रभा शर्मा,
पन्नापुरी, हापुड़
(पंचशील नगर), उत्तर प्रदेश

कौन है देशद्रोही
मेरी राय में देशद्रोही वे हैं, जो देश की सुरक्षा जैसे अति-संवेदनशील मामलों में भी कमीशनखोरी से गुरेज नहीं करते। इसकी एक बानगी पिछले दिनों देखने को मिली। दरअसल, थल सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह ने मीडिया को बताया कि उन्हें रिश्वत देने की पेशकश की गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि घूस की पेशकश करने वाला शख्स पूर्व फौजी अधिकारी है। हम सेनाध्यक्ष की इस ईमानदारी के कायल हैं, लेकिन यह देश का दुर्भाग्य नहीं तो और क्या है कि जो लोग देश के कर्णधार हैं, उन्हें रिश्वत देने की हिमाकत की जाती है और रिश्वत की पेशकश करने वाला भी कम ओहदेदार इंसान नहीं होता। ऐसे दोषी लोगों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
विजय लोढ़ा, रायपुर, छत्तीसगढ़

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