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लाख कोशिशों के बाद नहीं मिले मुख्यमंत्री

ग्रामसभाओं की सार्वजनिक जमीन को भू माफियाओं से मुक्त कराने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में पिछले सोलह साल से धरना देकर गिनीज बुक और लिम्का बुक में नाम दर्ज करा चुके हैं मास्टर विजय सिंह। विजय छह सौ किलोमीटर की पैदल यात्रा कर तीन दिन पहले राजधानी लखनऊ आए हैं ताकि मुख्यमंत्री को इस मामले से अवगत कराया जा सके, लेकिन लाख कोशिशों के बावजूद वह आम जनता के लिए सुलभ होने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से नहीं मिल पाए हैं।

ग्राम सभाओं की सार्वजनिक जमीन पर भू माफियाओं के कब्जे की जानकारी देने मास्टर विजय सिंह पिछले 30 मार्च को पैदल निकले थे। मेरठ, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर और सीतापुर होते हुए वह पिछले 18 अप्रैल को राजधानी लखनऊ पहुंचे और उसी दिन से मुख्यमंत्री से मुलाकात के प्रयास में हैं जो आज तक सफल नहीं हुई है। मास्टर विजय सिंह गुरुवार को किसी तरह सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी से मिल सके। उनकी बातें सुनने के बाद चौधरी ने भरोसा दिलाया है कि वह मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात करा देंगे।

मास्टर विजय सिंह ने सर्वेक्षण में पाया कि उनके गांव चौसाना में चार हजार बीघे से ज्यादा जमीन भू माफियाओं के कब्जे में है। एक हजार बीघा जमीन पर पूर्व विधायक जगत सिंह और उनके परिवार ने कब्जा कर रखा है। ग्रामसभा की सार्वजनिक जमीन को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराने के लिए 26 फरवरी 1996 से जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे।

इसे दुनिया का सबसे लंबा धरना माना गया और उनका नाम लिम्का बुक तथा गिनिज बुक में दर्ज किया गया। धरना अभी भी जारी है। उनके अहिंसात्मक आन्दोलन का असर हुआ और तीन हजार दो सौ बीघा जमीन पर कब्जे की बात सामने आ सकी।

इस मामले में सरकार ने 136 मुकदमें दर्ज किए और तीन सौ बीघा जमीन मुक्त कराई। तत्कालीन पुलिस महानिदेशक ए.सी.शर्मा ने उनके आरोपों की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट राज्य सरकार को दी लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पेशे से मास्टर रहे विजय सिंह कहते हैं कि उनके जिले में ही 76 ग्रामसभा है। इसी तरह अन्य जिलों में भी कम से कम इतनी ग्रामसभा तो होगी ही। सभी ग्राम सभाओं की जमीन पर भू माफियाओं का कब्जा है। सिंह मानते हैं कि सार्वजनिक जमीन से कब्जा हट जाय तो गरीबों को बांटने तथा सार्वजनिक काम के लिए जमीन की कोई कमी नहीं रहेगी। अभी सरकार के पास अपनी कोई जमीन नहीं बची है इसीलिए उसे विकास कार्य के लिए अधिग्रहण करना पड रहा है जो गांव वालों के साथ झगडे का कारण बन रहा है।

उन्होंने कहा कि चाहे कितने दिन भी लगे वह मुख्यमंत्री से मिले बिना राजधानी से नहीं जाएंगे। मास्टर विजय सिंह को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उम्मीदें भी हैं क्योंकि वह युवा और ऊर्जावान हैं। सिंह मानते हैं कि मुख्यमंत्री उनकी बात समझेंगे और राज्य हित में कार्रवाई करेंगे।

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