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घर के बाहर प्रिंसिपल और चालक को गोली मारी

क्यू ब्लॉक शारदा नगर में रहने वाली प्रिंसिपल सरोज कुमारी शुक्ला और उनके गाड़ी चालक राजू उर्फ राजेश को अज्ञात लोगों ने घर के बाहर गोली मार दी। राजू की मौके पर मौत हो गई जबकि सरोज कुमारी के दाएं हाथ से लेकर कंधे तक तीन गोलियां आरपार हो गईं। घटना के बाद घर में अफरा तफरी मच गई।

पुलिस को सूचना देने पर कल्याणपुर इंस्पेक्टर डीके शाही फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। राजू को हैलट भिजवाने के साथ ही सरोज कुमारी को इलाज के लिए रीजेन्सी अस्पताल भिजवाया गया। पुलिस इसे सरोज कुमारी के परिवार की पुरानी रंजिश मानकर तफ्तीश में जुटी है।

मूल रूप से मंगलपुर रमाबाई नगर में रहने वाली सरोज कुमारी शुक्ला श्री गांधी बालिका इंटर कॉलेज झींझक में प्रिंसिपल हैं। उनके श्रीकृष्ण जनका देवी महाविद्यालय के नाम से मंगलपुर और रूरा में डिग्री कॉलेज हैं।

घायल अवस्था में सरोज कुमारी ने बताया कि गुरुवार को उनके स्कूल में साढ़े सात बजे से संस्कृत का पेपर था। यह आखिरी पेपर था जिसके लिए वह सुबह सवा पांच बजे घर से निकलीं। सरोज के मुताबिक राजू ने उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी बाहर निकाली और बैठकर इंतजार कर रहा था। सरोज घर से निकलीं और गाड़ी में बैठ गईं। उसी दौरान पीछे से एक मोटर साइकिल और एक अन्य स्कॉर्पियो गाड़ी उनके पीछे आ गई।

मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने उनकी गाड़ी के सामने मोटर साइकिल गिरा दी और उतरकर ड्राइवर के पास आ गए। सरोज जब तक कुछ समझ पातीं उन्होंने राजू की गर्दन से तमंचा सटाकर तीन फायर कर दिए। सरोज ने बताया कि राजू की मौके पर मौत हो गई, उन्होंने गाड़ी से निकलकर भागने की कोशिश की। तभी स्कॉर्पियो से चार लोग निकले और उन्हें पकड़ लिया दोनों के बीच हाथापाई तक हुई।

इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उनपर तीन फायर झोंक दिए। सरोज झुक गईं तो गोलियां उनके हाथ से आर पार हो गईं। गोली लगने के बाद वह बेहोश हो गईं, बदमाश उन्हें मरा समझकर छोड़ गए। सरोज के मुताबिक घटना के बाद उनकी छोटी बहू उपासना बाहर भागते हुए आई और उन्हें घर के अंदर ले आई। उसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

सरोज ने आरोप लगाया कि पुरानी रंजिश के चलते उन्हें मारने के लिए राजेन्द्र दीक्षित, उनका साला, हरी शुक्ला और उसका बेटा सोनू स्कॉर्पियो गाड़ी से आए थे। वहीं मोटरसाइकिल में आए बदमाशों को सरोज ने नहीं पहचाना।

एसपी ग्रामीण मनोज सोनकर ने बताया कि  मामले में हत्या, हत्या का प्रयास और बलवा की धाराओं में चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखी गई है। इन्हें पकड़ने के लिए मंगलपुर एक टीम को रवाना कर दिया गया है।

आठ महीने पहले शुरू हुई दुश्मनी
कानपुर। सरोज और राजेन्द्र दीक्षित के परिवारों के बीच दुश्मनी की आग आठ महीने पहले भड़क गई। यह दुश्मनी उससे पहले से चली आ रही थी मगर अती तब हुई जब सरोज के बेटे श्यामजी और राघव ने मिलकर राजेन्द्र के बेटे प्रदीप दीक्षित की हत्या कर दी थी। इस हत्या के पीछे क्षेत्र में वर्चस्व और एक पेट्रोल पम्प के आवेदन को कारण बताया जा रहा है।

बेटों को खोने के बाद भी सरोज ने हार नहीं मानी
कानपुर। सरोज के घर में उनके अलावा पति श्रीकृष्ण शुक्ला हैं जो कि कैंसर से जूझ रहे हैं। उनका एक बेटा शायमजी शुक्ला हत्या के मामले में जेल में है और छोटे बेटे राघव शुक्ला ने 21 जनवरी 2012 को मनाली में फांसी लगाकर जान दे दी थी। घर में बड़ी बहू अराधना और उपासना और इनके बच्चाे रहते हैं। दोनों बेटों और पति की ऐसी हालत के कारण सरोज के कंधों पर घर की पूरी जिम्मेदारी है। उनके दो डिग्री कॉलेजों को उनकी दोनों बहुए सम्भालती हैं। इसके अलावा प्रदीप दीक्षित हत्याकांड के मामले में सरोज अपने बेटे को बचाने के लिए पूरी पैरोकारी करने में जुटी हैं।

राजू जानता था इसलिए मारा गया
कानपुर। सरोज का कहना था कि राजू चैतपुरा का रहने वाला है। वह पहले उनके बेटों के लिए कार चलाता था। प्रदीप हत्याकांड के बाद उनकी कार को थाने में सीज कर दिया गया। उसके बाद स्कूल आने जाने के लिए उन्होंने कुछ दिन पहले नई स्कॉर्पियो कार निकलवाई थी। सरोज ने बताया कि राजू हमलावरों को जानता था इस कारण उन लोगों ने उसे मौत के घाट उतार दिया।

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