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निकाय चुनाव वोटर बनना अब आसान

राज्य  निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत नगर निकाय मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया में व्यापक परिवर्तन करते हुए इसे विकेन्द्रीकृत कर दिया है। अब नगर निगमों के जोनल कार्यालयों सहित सभी अन्य निकायों में स्थानीय स्तर पर भी नाम शामिल कराने के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके साथ ही निकाय मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की अवधि 25 मई तक बढ़ा दी गयी है। यह भी तय किया गया है कि मतदाता जागरूकता के लिए अलग से कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

राज्य निर्वाचन आयुक्त एस.के. अग्रवाल ने गुरुवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि प्रदेश में निकाय मतदाता सूची के अभी हाल में सम्पन्न संक्षिप्त पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की कुल संख्या सवा तीन करोड़  तक पहुंच जाने की उम्मीद है। आयोग चाहता है कि मतदाता सूची में अधिक से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल हों।

इसीलिए चुनाव के पूर्व एक अवसर दिया जा रहा है। एक जनवरी, 2012 को 18 वर्ष की पूरी कर लेने वाले  वे सभी मतदाता जो किन्हीं कारणों से मतदाता सूची में अपना नाम नहीं शामिल करा पाए हैं, इसका लाभ उठा सकते हैं। नई विकेन्द्रीकृत व्यवस्था से मतदाता सूची में पांच से छह प्रतिशत मतदाताओं की वृद्धि सम्भावित है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि निकाय चुनाव में शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर  निगमों में एडीएम सिटी व नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों में उप जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। नगर निगमों की कमेटी में पुलिस अधीक्षक (नगर), नगर मजिस्ट्रेट या अपर नगर मजिस्ट्रेट व संबंधित क्षेत्रधिकारी और नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों में क्षेत्रधिकारी, ससम्बंधित तहसीलदार व थाना प्रभारी सदस्य होंगे।

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