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अल्पसंख्यक कॉलेजों पर टिका 270 कॉलेजों का भाग्य

अल्पसंख्यक बीएड कॉलेजों में सत्र 09-10 में मैनेजमेंट कोटे की 50 सीटों की परीक्षा के फैसले से अन्य बीएड कॉलेजों को उम्मीद जग गई है। ये कॉलेज अल्पसंख्यक कॉलेजों की परीक्षाओं का ही इंतजार कर रहे थे। पूर्व सरकार ने हाईकोर्ट में इस सत्र में किसी भी बीएड कॉलेज की परीक्षा नहीं कराने का हलफनामा दे रखा था, लेकिन यदि अब परीक्षा होती है तो बाकी कॉलेजों का दावा मजबूत हो जाएगा।

सत्र 09-10 में 270 बीएड कॉलेज अपने यहां प्रवेशित छात्रों की परीक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं। हालांकि, पिछली सरकार कॉलेज और छात्र दोनों के ही दावों को निरस्त करते हुए परीक्षा कराने से इनकार कर चुकी है, लेकिन चौ. चरण सिंह विवि में हाईकोर्ट के निर्देशों पर अल्पसंख्यक कॉलेजों में 50-50 सीटों पर पेपर काने से नया मोड़ आ गया है।

इस सत्र में अल्पसंख्यक  कॉलेजों के तो पेपर होंगे, जबकि बाकी के नहीं। चूंकि अल्पसंख्यक कॉलेजों में प्रवेशित छात्र सामान्य हैं, ऐसे में एक ही सत्र में छात्रों के साथ दोहरा व्यवहार नहीं हो सकता। कॉलेज इसी को कोर्ट में चुनौती देते हुए परीक्षा की मांग करेंगे। सूत्रों के अनुसार, बीएड कॉलेजों की प्राथमिकता अल्पसंख्यक कॉलेजों के पेपर हैं। पेपर होते ही बाकी कॉलेजों का रास्ता अपने आप खुल जाएगा। 

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  • Web Title:अल्पसंख्यक कॉलेजों पर टिका 270 कॉलेजों का भाग्य