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बीएड एंट्रेंस के जाम से निपटने की तैयारी

23 अप्रैल को दो पालियों में होने वाले बीएड एंट्रेंस के जाम में इस बार शायद आप न फंसे। दूसरे जिलों के छात्रों और वाहनों का दबाव मेरठ में नहीं रहेगा। शहर में सिर्फ मेरठ और बागपत के आसपास के छात्र ही पेपर देंगे। इसमें भी मेरठ के बाहरी हिस्सों में केंद्र बनाने से छात्रों का दबाव मुख्य शहर में कम रहेगा। शहर में सिर्फ छह हजार छात्र ही एंट्री करेंगे। मेरठ में 33 केंद्र शहर की तंग गलियों से बाहर होंगे। यहां पहुंचने के कई रास्ते भी छात्रों के पास होंगे।

मेरठ में गत वर्षो तक दिल्ली, गाजियाबाद, गेट्रर नोएडा, मुजफ्फरनगर व सहारनपुर के स्टूडेंट का दबाव रहता था। इस दबाव से शहर हर बार हांफता, लेकिन यह हाल अब नहीं होगा। फैजाबाद विवि ने चौ. चरण सिंह विवि के नोडल सेंटर पर 78 केंद्रों में से मेरठ में सिर्फ 45 केंद्र दिए हैं। दिल्ली व ग्रेटर नोएडा की भीड़ को नोएडा में सात केंद्र बनाकर शिफ्ट किया गया है।

हापुड़, मोदीनगर, मुरादनगर व गाजियाबाद के स्टूडेंट गाजियाबाद में 18 केंद्रों पर पेपर देंगे। मुजफ्फरनगर व सहारनपुर के छात्रों को सहारनपुर में आठ केंद्रों पर पेपर की सुविधा रहेगी। सहारनपुर में बुलंदशहर के कुछ छात्र भी जाएंगे। मेरठ में कुल 45 केंद्र हैं, लेकिन इसमें 33 केंद्र ऐसे हैं जो तंग गलियों से बाहर हैं।

शास्त्रीनगर, गढ़ रोड, माल रोड और मवाना रोड पर छात्र बिजली बंबा बाईपास अथवा सीधे हापुड़ से एंट्री कर केंद्र पर पहुंच सकेंगे। मेरठ-हरिद्वार बाइपास पर 19 केंद्र बने हैं। शहर में सिर्फ दस सेंटर होंगे। इसमें छह हजार छात्र ही पेपर देंगे। प्लानिंग हिसाब से 19591 स्टूडेंट मेरठ के अलावा अन्य तीन जिलों में पेपर देंगे।

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