DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गुणवत्ता में अरवल टॉप पर, जमुई में बुरा हाल

राज्य की प्रारंभिक शिक्षा में गुणवत्ता लाने के उद्देश्य से गठित बिहार शैक्षिक गुणवत्ता मिशन ने राज्य के बेहतर और सबसे खराब स्कूलों की पहचान अपनी कसौटी पर किया है। मिशन ने राज्य के 3323 स्कूलों के सर्वेक्षण के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रखंड, सर्वश्रेष्ठ जिले और सबसे खराब स्थिति वाले जिलों की ग्रेडिंग की रिपोर्ट भी जारी की है। इसे कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया है।

विभाग के प्रधान सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि मिशन के कार्यक्रम प्रबंधक दीपक कुमार सिंह ने उन्हें रिपोर्ट सौंपी है। पिछड़े जिलों के डीईओ से स्पष्टीकरण पूछा गया है कि क्यों नहीं इस प्रदर्शन को उनके कर्तव्य में बरती जा रही उदासीनता के रूप में लिया जाय। लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले जिले के डीईओ को कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। क्योंकि शिक्षण व्यवस्था में सुधार किए बिना उनके पास कोई विकल्प नहीं है।

गुणवत्ता मिशन ने सबसे बुरा हाल पटना के पुनपुन प्रखंड में पाया। जिस दिन जांच टीम गई ज्यादातर स्कूल बंद मिले, शिक्षक गायब और बच्चों की उपस्थिति शून्य। वहीं सबसे बेहतर हाल जहानाबाद के स्कूलों का है। बकौल दीपक कुमार सिंह इस जिले के जिलाधिकारी का अच्छा लीडरशिप शिक्षण व्यवस्था में मिल रहा है।

उपस्थिति की बात करें तो प्राथमिक विद्यालय, कालीमंदिर धनुटोला, प्रखंड चचौरिया बेगूसराय में 93 जबकि मध्य विद्यालय बंधुगंज (जहानाबाद) में 92 प्रतिशत उपस्थिति पाई गई। जहानाबाद में ज्यादार स्कूलों में 80 प्रतिशत से अधिक बच्चाे मौजूद पाए गए।

सबसे खराब ग्रेडिंग (उपस्थिति में) वाले 25 प्रखंड
नवहट्टा, आजमनगर, त्रिवेणीगंज, पलासी, मोहनपुर, सरायगढ़, बनकटवा, करघड़ा, पोठिया, छौड़ादानो, बिस्फी, नरपतगंज, छपरा नगर, महुआ, गड़खा, चकाई, अमादाबाद, रुरकौलिया, रंगराचौक, सिंघवाड़ा, कहारा, नारायणपुर, अलीगंज, अधौरा, पुनपुन

गुणवत्ता में टॉप दस जिले
अरवल, प.चंपारण, बक्सर, भोजपुर, पटना, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, जहानाबाद, कटिहार, अररिया

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गुणवत्ता में अरवल टॉप पर, जमुई में बुरा हाल