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कम वक्त में मोटापा घटाएं लिपोसक्शन

कम वक्त में मोटापा घटाएं लिपोसक्शन

दौड़ती-भागती जिंदगी में अपना खयाल रखने के लिए भी आपके पास वक्त नहीं है। अनियमित दिनचर्या और खान-पान के कारण दिन-ब-दिन बढ़ता मोटापा एक गंभीर समस्या बन रहा है। लेकिन लिपोसक्शन तकनीक से आसानी से मोटापा कम कर सकते हैं।

घर और ऑफिस के बीच व्यस्तता के कारण खुद की देखभाल के लिए भी हमारे पास समय ही नहीं बचता। जो मिल गया, खा लिया। हम ये तक नहीं देखते कि इस तरह के खाने से हमारे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ेगा। दरअसल यही खाना हमारे मोटापे की मुख्य वजह बन जाता है। हम फास्ट फूड खा तो लेते हैं, इससे प्राप्त कैलोरी को जलाने लायक मेहनत नहीं करते। इसके बाद हम शुरू करते हैं मोटापे को कम करने की कवायद। कभी डायटिंग का सहारा, तो कभी व्यायाम और वर्कआउट। यह डायटिंग और वर्कआउट भी हमें वैसा परिणाम नहीं देता, जैसा हम चाहते हैं। कम समय में मोटापा कम करने की तकनीक है लिपोसक्शन।

लिपोसक्शन क्या है
कॉस्मेटिक सर्जरी की एक तकनीक है यह। इसके जरिए शरीर के विभिन्न हिस्सों से अतिरिक्त वसा को बाहर निकाल कर शरीर को सुडौल और आकर्षक बनाया जाता है। इस तकनीक में शरीर में छिपे हुए स्थानों में छोटे छिद्र बनाकर विशेष उपकरणों की सहायता से अतिरिक्त वसा को बाहर निकाल दिया जाता है। इस प्रक्रिया में लगने वाला समय इस बात पर निर्भर करता है कि शरीर में कितनी वसा है।

इसका इस्तेमाल कहां
लिपोसक्शन तकनीक का इस्तेमाल मुख्यत: पेट, कूल्हे, जांघों, बांहों, गर्दन, चेहरे और वक्ष पर किया जाता है। पुरुष और महिलाएं दोनों ही इस तकनीक का इस्तेमाल अपनी बॉडी को शेपअप करने के लिए करवाते हैं। एक ही ऑपरेशन के जरिए शरीर के कई हिस्सों से वसा निकाला जाता है।

ट्रीटमेंट करवाने जा रहे हैं तो..
यदि आप लिपोसक्शन ट्रीटमेंट करवाने जा रहे हैं तो इसके लिए आपको किसी अच्छे प्लास्टिक सर्जन के पास जाना चाहिए। चूंकि यह एक शल्य चिकित्सा है, इसलिए जरूरी है कि किसी अनुभवी सर्जन से ही इसे करवाया जाए। सबसे पहले डॉक्टर से सलाह और पूरी जानकारी लें कि ये ट्रीटमेंट आपके शरीर के लिए सही है या नहीं। ये भी जान लें कि यह तकनीक आप पर कितनी सफल होगी और ट्रीटमेंट करवाने से पहले और बाद में आपको किन-किन समस्याओं को सामना करना पड़ सकता है। इस जानकारी से आप अपना इलाज करवाते हुए कम घबराएंगे।

कैसे होता है ट्रीटमेंट
ट्रीटमेंट से पहले खून की जांच की जाती है। सर्जरी के पहले ब्लडप्रेशर, शुगर आदि सभी की जांच की जाती है ताकि आपको ऑपरेशन के दौरान या बाद में कोई परेशानी न हो। इस ट्रीटमेंट में एक सक्शन मशीन को कैनुला के साथ जोड़ा जाता है। जिस जगह से वसा निकालना है, वहां छुपे स्थानों में छोटे-छोटे छिद्र बनाए जाते हैं। इसी छिद्र की सहायता से त्वचा और मांसपेशियों के बीच मौजूद अतिरिक्त चर्बी को बाहर निकाला जाता है। इस ट्रीटमेंट में किसी भी तरह के टांके नहीं आते। ऑपरेशन के दौरान बनाए गए सूक्ष्म छिद्र कुछ दिनों में खुद ही भर जाते हैं।

ऑपरेशन के बाद
ऑपरेशन के बाद छिद्रों से कुछ रिसाव हो सकता है। उससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। कई बार सूजन और दर्द की शिकायत भी हो सकती है जो कुछ समय बाद खुद ही ठीक हो जाती है। ऑपरेशन के बाद भी डॉक्टर से नियमित चेकअप करवाएं। कुछ भी परेशानी हो तो डॉक्टर से संपर्क करें। लिपोसक्शन के जरिए एक बार तो आप अपने शरीर को सही आकार दे देंगे, लेकिन फिर उसे बनाए रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें और अपने खान-पान पर नियंत्रण रखें। इस ऑपरेशन के बाद भी अधिक वसा वाला खाना खाने से आपके शरीर के उन हिस्सों पर फिर से चर्बी का जमा हो सकती है।

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