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बीपी काबू में रहेगा खाएं लहसुन

लहसुन में मौजूद एलियम नामक एंटीबायोटिक शरीर को कई बीमारियों से बचाता है। यह एक एंटीऑक्सिडेंट होता है जो शरीर को मजबूती प्रदान कर छोटी-छोटी बीमारियों से तो लड़ने में सहयोग देता है।

लहसुन का एक दाना छीलकर सुबह पानी के साथ खाया जाए तो रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है। बीपी भी सही रहता है।

लहसुन डायबिटीज के रोगियों के लिए भी फायदेमंद होता है। यह शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में कारगर साबित होता है।

खांसी और टीबी में लहसुन बेहद फायदेमंद है। लहसुन के रस की कुछ बूंदे रुई पर छिड़ककर नाक से सूंघें। यह गंध फेफड़ों में जाएगी तो टीबी धीरे-धीरे ठीक हो जाएगी।

गला बैठ गया हो तो गर्म पानी में लहसुन का रस घोलकर कुछ दिनों तक रोज 5 मिनट गरारे करें। गला ठीक हो जाएगा।

कुष्ठ रोग में लहसुन के रस को तेल में पकाकर लगाने से गांठ गल जाती है।

वात रोग में यह रामबाण साबित होता है। 1-2 कलियां रोज खाएं, अन्दरूनी गर्मी पैदा होगी।

लकवा में लहसुन को आजमाएं। लहसुन की 3-4 कली छीलकर पीस लें। उसमें उतनी ही मात्र में शहद मिलाकर रोगी को चटाएं। धीरे-धीरे लहसुन की मात्रा बढ़ाएं और उसी अनुपात में शहद की भी। 1-1 कली बढ़ाकर 11-11 कली तक ले जाएं। काफी लाभ होगा।

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