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प्रत्याशियों के लिए 'तारणहार' बने विवाह मुहूर्त

बिहार में अप्रैल में होने वाली शादियों का निकाय चुनावों से गहरा सम्बंध है। राज्य में नगर निकाय चुनाव 16 मई को होना है, जिसके लिए प्रत्याशियों ने विवाह आयोजनों को अपने प्रचार का जरिया बना रखा है। नामांकन कर चुके या इसकी तैयारी कर रहे प्रत्याशी शादी-ब्याह वाले घर में सहायता के लिए पहुंच रहे हैं और वहां लोगों से वोट भी मांग रहे हैं।

प्रत्याशी इसका पूरा खयाल रख रहे हैं कि उनके इलाके में कोई शादी छूट न जाए। अपने घर-परिवार के सदस्यों को भी उन्होंने इस सम्बंध में विशेष हिदायतें दे रखी हैं। पटना के वार्ड नंबर 33 से नामांकन करने वाले सत्यभामा सिंह के मुताबिक, ''हमारा समाज बड़ा है। लोगों के सुख-दुख में तो शामिल होना ही पड़ता है। ऐसे समारोहों में जाने से एक ही जगह पर ज्यादा से ज्यादा लोगों से सम्पर्क हो जाता है।''

एक प्रत्याशी का कहना है, ''लग्न में न्यौता और उपहार देते समय भी इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि कहीं से कोई शिकायत न आए। विवाह वाले घरों में प्रत्याशी खुद जाकर टेंट और शामियाने का प्रबंध कर रहे हैं। उनके मित्र व परिवार के सदस्य भी इसमें मदद दे रहे हैं।''

एक अन्य प्रत्याशी की मानें तो ऐसे मौके का फायदा हर कोई उठाना चाहता है। उनके मुताबिक, ''ऐसे मौकों पर आचार संहिता का भी कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता।''

उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होने के बाद विवाह लग्न शुरू हो गए हैं। इसमें 24 और 25 अप्रैल सबसे अच्छा मुहूर्त कहा जा रहा है। इन दिनों तकरीब हर चुनाव क्षेत्र में शादियां हैं। अप्रैल में विवाह मुहूर्त समाप्त होने के बाद सीधे जून में यानी चुनाव समाप्त होने के बाद ही विवाह लग्न आएंगे। इसलिए प्रत्याशी अप्रैल में होने वाली शादियों में प्रचार का कोई मौका छोड़ना नहीं चाहते।

बिहार में नगर निकाय चुनाव के लिए अधिसूचना सोमवार को जारी हुई। इसके साथ ही प्रत्याशियों का नामांकन भी शुरू हो गया। पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, गया, बिहारशरीफ और आरा नगर निगमों के अलावा 39 नगर पार्षदों और 69 नगर पंचायतों के लिए चुनाव होने हैं। मतदान 16 मई को होगा, जबकि मतगणना 18 मई को होनी है। चुनाव प्रक्रिया 22 मई को समाप्त होगी।

वार्ड पार्षदों की सभी श्रेणियों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। नगर निकाय चुनाव में लगभग 60 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसके लिए करीब 7,500 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।

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