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ट्रेंड शिक्षकों की नियुक्ति का निर्णय सहीः हाईकोर्ट

रांची ’ मुख्य संवाददाता। झारखंड हाइकोर्ट ने संताली, हो और दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं के बगैर ट्रेंड शिक्षकों की नियुक्ति करने से इनकार करने के सरकार के निर्णय को सही बताया है। चीफ जस्टिस पीसी टाटिया और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने 86 याचिकाओं की सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।

अदालत ने सरकार की अपील याचिका को स्वीकृत कर लिया और एकलपीठ के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें इन शिक्षकों की नियुक्ति करने का निर्देश सरकार को दिया गया था।

हालांकि कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली में बगैर ट्रेंड शिक्षकों की नियुक्ति का प्रावधान है। भारतीय संविधान ने भी क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा देने की बात कही है। इस आलोक में सरकार को क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा देने के लिए नियुक्ति पर विचार करना चाहिए।

क्या है मामलाः जेपीएससी ने वर्ष 2003-04 में करीब नौ हजार शिक्षकों की नियुक्ति के लिए परीक्षा ली थी। इसके बाद उसने हो, संताली और अन्य क्षेत्रीय भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सरकार से सिफारिश की। लेकिन सरकार ने इन शिक्षकों की नियुक्ति करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि उनके पास किसी मान्यताप्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र नहीं है।

सरकार के इस आदेश को सफल उम्मीदवारों ने अलग-अलग बैच में याचिका दायर कर चुनौती दी थी। एकल पीठ ने दो बैच की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सरकार को सफल शिक्षकों को नियुक्त करने का निर्देश दिया। तीसरे बैच की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार के निर्णय को सही ठहराया और सफल उम्मीदवारों की याचिका निरस्त कर दी।

अपील में गए दोनों पक्ष : तीसरे बैच के आदेश को आधार बनाते हुए सरकार ने खंडपीठ में उस आदेश के खिलाफ अपील की जिसमें शिक्षकों को नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था। जबकि तीसरे बैच के प्रार्थियों ने प्रथम दो बैच के मामले में दिए गए आदेश को आधार बनाकर खंडपीठ में अपील की।

बुधवार को सभी मामलों की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार की अपील याचिका को सही बताया और प्रथम दो बैच में दिए गए एकलपीठ के आदेश को निरस्त कर दिया। जबकि तीसरे बैच के प्रार्थियों की अपील याचिका भी खारिज कर दी।

कोर्ट की टिप्पणीः कोर्ट रूल्स के अनुसार चलता है। शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में सरकार ने प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाया था। इस कारण बगैर प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की जा सकती। लेकिन शिक्षक नियुक्ति नियमावली में बगैर प्रशिक्षण की नियुक्ति का भी प्रावधान है।

भारतीय संविधान ने भी क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा देने की बात कही है। सरकार को इन दोनों के आलोक में क्षेत्रीय भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए।

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  • Web Title:ट्रेंड शिक्षकों की नियुक्ति का निर्णय सहीः हाईकोर्ट