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दूसरे राज्यों से चावल-गेहूं की जरूरत नहीं: मंत्री

बिहार को अब दूसरे राज्यों से चावल-गेहूं नहीं मंगाना पड़ेगा। सूबे के 1.36 करोड़ बीपीएल परिवार अपने राज्य में उपजा चावल-गेहूं खाएंगे। उनके लिए चावल और गेहूं की व्यवस्था राज्य अपने स्तर पर पूरा कर रहा है। अब तक धान खरीद के माध्यम से 15 लाख टन चावल की व्यवस्था कर ली गई है।

15 अप्रैल से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने पूरे राज्य में धान खरीद पर रोक लगी दी है। ऐसा जिलाधिकारियों के प्रतिवेदन के आधार पर निर्णय लिया गया है। वहीं 16 अप्रैल से जुलाई तक गेहूं खरीद का निर्णय किया गया है। 15 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है। सोमवार को खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्याम रजक ने संवाददाता सम्मेलन मं यह घोषणा की।

विभागीय प्रधान सचिव शिशिर सिन्हा की उपस्थिति में उन्होंने कहा कि 25 लाख टन लक्ष्य के विरुद्ध एसएफसी और पैक्स के माध्यम से 22 लाख टन धान की खरीद हो गई है। जबकि एफसीआई ने 5 लाख टन के लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 87 हजार टन धान ही खरीदा है।

यही नहीं राज्य द्वारा उसको दिये गये 488 करोड़ रुपए के (सीएमआर)चावल के विरुद्ध अब तक 166 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया है। उसकी शिथिलता के कारण फरवरी महीने का 40 फीसदी, मार्च का 50 फीसदी और अप्रैल का बीपीएल-अंत्योदय कोटे का अनाज अब तक लाभार्थियों को नहीं मिल पाया है। हालांकि जून तक लाभार्थियों को रेगुलर अनाज देने की व्यवस्था पूरी कर ली जाएगी।

उन्होंने कहा कि अनाज उठाव-वितरण व्यवस्था के कम्प्यूटरीकरण की जिम्मेवारी टीसीएस को दी गई है। एसएफसी के सभी 307 गोदामों में महीने के अन्त तक तौल मशीनें लग जाएगी। अगले महीने से पीडीएस दुकानों तक अनाज पहुंचते ही लाभार्थियों के लिए एसएमसी अलर्ट की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जून तक सभी को कूपन बांट दिया जाएगा। पंचायतों में कैम्प लगाकर कूपन बांटा जाएगा। प्रखंड मुख्यायलों में 399 गोदामों का निर्माण शुरू है। 24 और गोदामों के निर्माण में आने वाली बाधा दूर की जा रही है।

परफार्मेन्स आधारित होगी सजा और सम्मान
विभाग के आपूर्ति पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, गोदाम प्रबंधक और जिला प्रबंधकों का प्रोमोशन परफार्मेन्स आधारित कर दिया गया है। अनाज के उठाव-वितरण पर 2 अंक, कूपन वितरण पर 2 अंक, एसएमएस अलर्ट पर 2 अंक, कम्प्यूटराइजेशन पर 2 अंक और शिकायतों के निवारण पर 2 अंक निर्धारित किये गये हैं। इनमें कम से कम 7 अंक लाना अनिवार्य है। इस कम अंक लाने वालों को सजा मिलेगी। वहीं 7 या उससे ज्यादा अंक लाने वालों को प्रोमोशन का रास्ता साफ होगा। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्याम रजक ने कहा कि जुलाई महीने से यह नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।

तीन जिलों में एसएफसी सिस्टम की हो रही जांच
खगडिय़ा जिला के लाभार्थियों को सड़ा अनाज वितरण के आरोप में खगडिय़ा एसएफसी की जांच आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) को सौंप दी गई है। 22 दिन पहले ही आरोपियों पर एफआईआर किया जा चुका है। पूर्वी चम्पारण जिले में एसएफसी के अनाज की कालाबाजारी की जांच निगरानी कर रही है। वहीं सीवान जिले में एसएफसी के अनाज की कालाबाजारी की जांच सारण पुलिस को सौंपा गया है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्याम रजक ने कहा कि विभाग अपनी कमियों को नहीं छुपायेगा। जो गड़बड़ी करेगा उसपर कार्रवाई होगी।

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