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फ्लैट खरीदना अब और हो जाएगा महंगा

अगर आप बिहार के किसी भी जिले में अपार्टमेंट खरीदने की बात सोच रहे हैं तो अविलंब खरीद लें। राज्य सरकार फ्लैट की खरीद पर टैक्स लगाने जा रही है। यह टैक्स वाणिज्य कर विभाग द्वारा लगाया जाएगा। बताया जाता है कि रजिस्ट्री वैल्यू का एक प्रतिशत वाणिज्य कर विभाग के खाते में जाएगा। इसके लिए वाणिज्य कर विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। उम्मीद की जा रही है कि अगले महीने से यह नियम लागू हो जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार देश के अन्य राज्यों की तरह वाणिज्य कर विभाग अब अपार्टमेंट में फ्लैटों और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की खरीद पर टैक्स वसूलेगा। हालांकि राज्य सरकार अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पायी है कि अपार्टमेंट एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर कितना टैक्स लगेगा लेकिन ऐसी उम्मीद की जा रही है कि महाराष्ट्र की तरह बिहार में भी रजिस्ट्री वैल्यू का एक प्रतिशत टैक्स वाणिज्य कर विभाग वसूल करेगा।

जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं केरल सहित कई राज्यों में अपार्टमेंट में फ्लैटों की खरीद पर वाणिज्य कर विभाग द्वारा टैक्स वसूला जाता है। हालांकि कुछ राज्यों में कार्य संविदा के तहत कमोडिटी वाइज टैक्स वसूल किया जाता है क्योंकि अचल संपत्ति जैसे भूमि एवं प्राइवेट मकान की खरीद-बिक्री कर के दायरे में नहीं आता है। फिलहाल वाणिज्य कर विभाग महाराष्ट्र एवं कर्नाटक सरकार द्वारा लिए जा रहे टैक्स पर विचार कर रहा है। बताया जाता है कि इस महीने के अंत तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

महाराष्ट्र में टैक्स वसूली
महाराष्ट्र सरकार अपार्टमेंट में फ्लैटों एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स से वाणिज्य कर वसूल करती है। यहां अपार्टमेंट एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के रजिस्ट्री वैल्यू का एक प्रतिशत टैक्स के रूप में वसूल किया जाता है।

कर्नाटक में टैक्स वसूली
कार्य संविदा के तहत जिस प्रणाली से करारोपण किया जाता है उसी प्रणाली से अपार्टमेंट एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर कर की देयता बनती है। यानी अपार्टमेंट को बनाने में जिस सामान का इस्तेमाल होता है उसपर जो टैक्स निर्धारित है उसी आधार पर टैक्स वसूल किया जाता है।

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