DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गैर-कांग्रेसी लामबंदी का केंद्र जया

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता राजग और दूसरे गैर-कांग्रेसी ताकतों की लामबंदी का केंद्र बनती जा रही हैं। सोमवार को तमिलनाडु भवन में हुई गहमा-गहमी ने सरकार की ओर से बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की बैठक की चमक ही कम कर दी।

जिस तत्परता से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी व ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक जयललिता से मिलने पहुंचे, इससे ये तो साफ हो गया कि यूपीए सरकार को पटकनी देने की रणनीति में तमाम सीएम जयललिता की ओर देख रहे हैं। जयललिता से मिलने पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को भी आना था मगर तब तक अम्मा की चेन्नई रवानगी का समय हो गया।
एनसीटीसी के विरोध के बहाने हुई इन मुलाकातों को आने वाले दिनों की राजनीति का ट्रेलर माना जा रहा है। फिर चाहे मामला राष्ट्रपति चुनाव का हो या फिर 2014 में लोकसभा चुनाव में गैर-कांग्रेस दलों की एकजुटता का। यही वजह थी कि धर्मनिरपेक्षता के नाम पर भाजपा से रिश्ता तोड़ने वाले नवीन पटनायक को जयललिता के साथ-साथ मोदी से बैठक करने में कोई एतराज नहीं हुआ। नवीन के जाने के बाद जयललिता व मोदी की लगभग बीस मिनट अलग से बातचीत हुई।

सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं ने आगामी 5-6 मई को एनसीटीसी पर होने वाली बैठक की रणनीति को लेकर चर्चा की। लेकिन भाजपा के आधिकारिक सूत्रों ने जोड़ा कि यूपीए के संघीय ढांचे पर प्रहार से हर निर्वाचित सरकार व मुख्यमंत्री आहत है और आने वाले दिनों में यह साथ आ जाएं इससे इनकार नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि राजग का कुनबा बढ़ाने के लिए भाजपा की जिन दलों पर नजर है उनमें अन्नाद्रमुक व बीजद सबसे अहम हैं। हाल ही में भाजपा नेता अरूण जेटली ने भी जयललिता से मुलाकात कर समान हितों के मुद्दों पर लंबी चर्चा की थी।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गैर-कांग्रेसी लामबंदी का केंद्र जया