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निधि चंदेल की गिरफ्तारी बनी गले की फांस

मथुरा और आगरा पुलिस प्रशासन के लिये निधि चंदेल गले की फांस बन चुकी है। उच्च न्यायालय ने दोनों ही जनपदों के एसएसपी को निधि को न्यायालय में पेश करने के आदेश किए थे। ऐसा न होने पर एसएसपी को व्यक्तिगत रुप से न्यायालय में उपस्थित होने को कहा गया था। इस मामले में सुनवाई मंगलवार को होनी है। एसएसपी मथुरा इलाहाबाद एक सीओ को साथ लेकर रवाना हो गए हैं। आरोपी महिला निचली अदालत से बरी हो गई थी।

पीड़ित पक्ष ने उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में अपील दायर कर दी थी। तभी से यह गैरहाजिर चल रही है। आगरा के थाना हरीपर्वत क्षेत्र में 15 वर्ष पहले 5 मई1997 को सुभाष पुत्र भजनलाल निवासी अनगढ़ी थाना सादाबाद जिला हाथरस की हत्या कर दी गई थी। शव को छुपाने के उद्देश्य से हरीपर्वत क्षेत्र में शव को फेंक दिया गया था। इसकी शिनाख्त मृतक के परिजनों ने दूसरे दिन की थी। परिजनों ने बताया था कि निधि चंदेल ने मृत युवक को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया था। इस मामले में निधि चंदेल उसके पिता विनोद चंदेल व अन्य दो लोगों को नामजद किया गया था। विनोद चंदेल आगरा यूनिवर्सिटी में नौकरी करता था। कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।

निचली अदालत ने सुनवाई के दौरान सबूतों के अभाव में निधि चंदेल समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। निधि के बरी होने पर उसके पिता ने उसकी शादी डडीसरा निवासी मूलराज सिं के साथ कर दी थी। पति से मनमुटाव हो जाने पर वह उसे छोड़कर महोली रोड पर रहने लगी थी। मथुरा कोतवाली में निधि ने अपने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला भी दर्ज करा दिया था। कथित प्रेमी की हत्या के मामले में अचानक नया मोड़ उस समय आ गया जब राज्य सरकार की ओर से निचली अदालत के आदेश को उच्च न्यायालय इलाहाबाद में चुनौती दी गई। उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए सभी आरोपियों को तलब किया। तीन आरोपियों की दौरान मुकदमा मृत्यु हो गई। इससे उनको पेश नहीं किया जा सका था। निधि चंदेल अचानक गायब हो गई।
 
न्यायालय ने उसके खिलाफ वारंट तक जारी कर दिए थे, इसके बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अख्त्यार करते हुए आगरा और मथुरा के एसएसपी को निधि चंदेल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के कड़े निर्देश दिए थे। मथुरा और आगरा की पुलिस टीमों ने संयुक्त रुप से कार्यवाही करते हुए निधि को खोजने का काफी प्रयास किया। महोली रोड स्थित उसके ठिकाने पर दबिश दी गई। वहां से यह भी पता लगाने का प्रयास किया गया कि वह आखिकार कहां रह रही है। यह भी पता नहीं चल सका। मंगलवार को मथुरा और आगरा के एसएसपी को उच्च न्यायालय ने निधि को पेश न करने पर व्यक्तिगत रुप से उपस्थित होने के आदेश किए हैं। एसएसपी धर्मवीर यादव उच्च न्यायालय देर सायं रवाना हो गए हैं। इनके साथ सीओ सदर आशुतोष मिश्र व एक उपनिरीक्षक गया है। उपनिरीक्षक उच्च न्यायालय क्षेत्र में तैनात रहा था। निधि चंदेल की पूरी पत्रवलि भी पुलिस अपने साथ ले गई है।

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