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फूलों वाले बगीचों की सैर

फूलों वाले बगीचों की सैर

हरियाली और रंग-बिरंगे फूलों को देखकर तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान आ जाती होगी। ऐसा नजारा देखकर तुम्हारे दिमाग में खूबसूरत रंग-बिरंगी सीनरी की तस्वीर बनती होगी। इसलिए इस बार दिल्ली के ऐसे पार्कों का रुख करो, जहां हों ढेरों फूल..कहां जा सकते हो, बता रही हैं मृदुला भारद्वाज

यूं तो दिल्ली में हर तरफ ईंट और पत्थर से बने मकान और बड़ी-बड़ी इमारतें तुम्हें हर ओर दिखाई देती हैं, लेकिन क्या तुम्हें पता है कि इसी दिल्ली में कई इलाके ऐसे भी हैं, जो रंग-बिरंगे फूलों, पेड़-पौधों और पंछियों से भरे पड़े हैं। इन पार्कों में जाकर तुम कई तरह के पेड़-पौधों और फूलों के बारे में न केवल जान सकते हो, बल्कि प्रकृति को बहुत करीब से महसूस भी कर सकते हो।

कितने फूल रंग-बिरंगे....
इन दिनों बाग-बगीचों और सड़क के किनारे बहुत से रंग-बिरंगे फूल खिले हुए हैं। गुलाब, सूरजमुखी, चंपा, चमेली, मोतिया, गुड़हल, गेंदा, जैसमिन, गुलमोहर जैसे फूल तुम्हें हर कहीं देखने को मिल जाएंगे। दिल्ली में वैसे तो बहुत से पार्क हैं, जहां सुंदर और खूबसूरत फूलों के पौधे हैं। लेकिन ऐसे कुछ खास पार्क हैं, जो फूलों के लिए ही मशहूर हैं। ये पार्क हैं-

हर्बल गार्डन, इंडिया गेट
चिल्ड्रन पार्क में एक खूबसूरत हर्बल गार्डन है। इसके अलावा पूरे चिल्ड्रन पार्क में खूबसूरत और खुशबूदार फूलों के बहुत से पौधे लगे हुए हैं। पार्क में एंट्री करते ही फूलों की खुशबू और रंग-बिरंगे फूलों से तुम पार्क के अंदर के नजारे का अंदाजा लगा सकते हो। चिल्ड्रन पार्क के करीब ही इंडिया गेट है, जहां बहुत बड़े और सुंदर पार्क बने हुए हैं। इंडिया गेट के पार्कों में भी तुम कई तरह के जंगली फूलों को देख सकते हो।

गार्डन ऑफ फाइव सेंसिज
इस गार्डन को राष्ट्रपति के मुगल गार्डन की तर्ज पर बनाया गया है। गार्डन ऑफ फाइव सेंसिज में हर्बल गार्डन, अन्य दुर्लभ प्रजाति के फूल और पेड़-पौधे भी तुम्हें देखने को मिल जाएंगे। इसके अलावा यहां झाड़ियों और फूलों के पौधों को कई जानवरों की शेप में तैयार किया गया है, जो देखने में सुंदर लगते हैं।

तालकटोरा गार्डन
तालकटोरा गार्डन में कई तरह के फूलों के पौधे लगे हुए हैं। इस गार्डन में बच्चों के लिए ऐसे कार्यक्रम भी होते हैं, जिससे बच्चों में बागवानी को लेकर रुचि बढ़े। यह गार्डन सभी दिन खुला रहता है।

लोदी गार्डन
लोदी गार्डन सफदरजंग के मकबरे के पास है। पहले इस बाग का नाम लेडी विलिंगडन पार्क था। यहां खूबसूरत फव्वारे, तालाब और फूल हैं। यहां नेशनल बोंसाई पार्क भी है, जहां बोंसाई का संग्रह है। यहां पेड़ों की कई प्रजातियां, रोज गार्डन और ग्रीन हाउस भी हैं, जहां पौधों को रखा जाता है। इसी कारण यहां पूरे साल अनेक प्रकार के पक्षी भी देखने को मिलते हैं।

बायोडायवर्सिटी पार्क
पूर्वी दिल्ली में यमुना के किनारे स्थित है यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क। इस पार्क में हर्बल गार्डन के साथ-साथ कई तरह के फूलों और उनकी प्रजातियों के बारे में जानकारी दी जाती है।

राजघाट
यमुना नदी के पश्चिमी किनारे पर महात्मा गांधी की समाधि है, जो अब एक खूबसूरत बाग का रूप ले चुकी है। यहां खूबसूरत फव्वारे और कई तरह के पेड़-पौधे लगे हैं। इस बागीचे में मोतिये के बहुत सारे पौधे हैं। साथ ही पेड़-पौधों के फायदों और इनके नष्ट होने से होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी दी जाती है।  

डियर पार्क का बोगनवेलिया गार्डन
डियर पार्क के एक हिस्से में जिसे डिस्ट्रिक पार्क कहते हैं, नर्सरी और बोगनवेलिया पार्क है। जैसा कि नाम से ही जाहिर है बोगनवेलिया पार्क में तुम बोगनवेलिया के फूलों का खूबसूरत कलेक्शन देख सकते हो।

रोज गार्डन
दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में दुनिया का सबसे बेहतरीन और खूबसूरत रोज गार्डन है। वैसे तो दिल्ली में कई रोज गार्डन हैं, जिनमें किस्म-किस्म के गुलाब तुम्हें देखने को मिल जाएंगे, लेकिन चाणक्यपुरी के रोज गार्डन की बात ही अलग है। इसमें गुलाब की सबसे ज्यादा किस्में हैं। इसलिए यहां जाकर तुम कई रंगों के गुलाब देख सकते हो और इनके बारे में जानकारी जुटा सकते हो।

ये मौसम है गुलमोहर का
गुलमोहर के फूलों का मौसम अलग-अलग देशों में अलग-अलग होता है। भारत में यह अप्रैल से जून के बीच खिलता है। गुलमोहर लाल फूलों वाला पेड़ होता है। ज्यादा गर्मियों में गुलमोहर के पेड़ पर पत्तियां तो कम होती हैं, लेकिन फूल इतने ज्यादा होते हैं कि गिनना भी मुश्किल हो जाता है।

गुलमोहर के पेड़ तुम्हें लगभग हर बगीचे और सड़क के किनारे आसानी से देखने को मिल जाएंगे।
गुलमोहर का पहला फूल निकलने के एक सप्ताह के भीतर ही पूरा पेड़ गाढ़े लाल रंग के अंगारों जैसे फूलों से भर जाता है। गुलमोहर के फूल, लाल के अलावा नारंगी, पीले रंग के भी होते हैं। गुलमोहर के फूलों से ही भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के मुकुट का श्रृंगार किया जाता है, इसलिए इसे कृष्णचूड भी कहते हैं।

फूलों वाले पार्को में ये ध्यान रखना..
वैसे तो हमें सभी पार्कों का ख्याल रखना चाहिए। लेकिन जिस पार्क में फूलों वाले पौधे लगे हों, उन पार्कों में कुछ खास बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए:

जब भी किसी पार्क में जाओ तो वहां ऐसे मत खेलो, जिससे वहां पर लगे फूलों को किसी भी तरह का नुकसान हो, क्योंकि पार्क की खूबसूरती वहां के पेड़-पौधों और उन पर लगे फूलों से ही होती है। 

पार्कों में तरह-तरह के फूल लगे होते हैं। वहां जाकर उन फूलों की खूबसूरती को देखो, उनकी सुगंध को महसूस करो, लेकिन उन फूलों को तोड़ों नहीं।

पार्कों में पालतू जानवरों को घुमाने नहीं ले जाना चाहिए, क्योंकि वे वहां गंदगी करते हैं और दूसरे लोग जो वहां घूमने के लिए आते हैं, उन्हें भी परेशानी होती है। 

पार्कों में क्यारियों के आसपास दौड़ मत लगाओ, इससे क्यारियों को नुकसान पहुंचता है।

पार्कों में कभी भी कूड़ा-कचरा नहीं फेंकना।

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