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गोपालगंज में नाव दुर्घटना, दस लोग डूबे

बिहार के गोपालगंज जिले के सलेमपुर गांव में गंडक नदी में रविवार की सुबह हुई नाव दुर्घटना में दस लोग डूब गए। नदी से एक युवक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि नौ लोग लापता हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए जिला प्रशासन ने बोट, गोताखोर व महाजाल लगाया है।

दुर्घटना में शामिल सभी लोग सलेमपुर गांव के ही हैं। घटना का प्रत्यक्षदर्शी व नाव पर सवार रहे युवक शोभन राय ने बताया कि नाव पर कुल 11 लोग सवार थे। सभी ग्रामीण गंडक नदी की दूसरी छोर पर मवेशी चराने जा रहे थे। तेज हवा के कारण नदी की बीच धारा में नाव पलट गई। इससे नाविक सहित दस लोग डूब गए। मैंने किसी तरह तैर कर अपनी जान बचाई। डूबे लोगों में ये एक सलेमपुर के जलेश्वर महतो का शव बरामद कर लिया है। ग्रामीणों ने घटना की सूचना प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही प्रशासन व पुलिस के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गया।

एसडीएम राजीव रंजन, एसडीओ संजय कुमार, इंस्पेक्टर मो. अलाउद्दीन, सीओ वकील सिंह, थानाध्यक्ष चतुर्वेदी सुधीर कुमार, विधायक मंजीत कुमार सिंह और मुखिया विजय ठाकुर ग्रामीणों व गोताखोरों के साथ लापता नौ लोगों की तलाशी में जुट गए हैं। लापता लोगों में परमा राय, किशोर राय, नगु राय, सुरवल सहनी, जनारस राय, गंगू सहनी, कमलेश साह, बटुक साह और विवेक साह शामिल हैं। एसडीएम ने बताया कि लापता लोगों की खोजबीन के लिए महाजाल व मोटर बोट के साथ गोताखोरों की टीम लगाई गई है।

देर शाम तक गोताखोर मोटरबोट से सलेमपुर, अदमापुर, मुंजा, मटियारी और आशा खैरा गांवों के आसपास लापता लोगों को ढूंढ़ते रहे। नदी में पानी का करंट तेज होने से गोताखोरों व नाविकों को परेशानी हो रही थी। विधायक मंजीत कुमार सिंह की मांग पर जिला प्रशासन ने मुजफ्फरपुर से एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई है। आशा खैरा में महाजाल लगाया गया है।

मालूम हो कि सलेमपुर घाट पर एक साल में यह दूसरी घटना है। पिछले वर्ष ठीक इसी दिन 15 अप्रैल को इसी घाट पर डूबने से सलेमपुर गांव के एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत हो गयी थी। रविवार को हुए नाव हादसे ने पूरे गांव का माहौल गमगीन कर दिया है। एसडीएम राजीव रंजन ने बताया कि नाव हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को मुख्यमंत्री आपदा कोष से मुआवजा व अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। वैसे, यह प्रक्रिया शव मिलने के बाद ही शुरू होगी।

नाव दुर्घटना की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई है। सबकी निगाहें नदी घाट की ओर टिकी हैं। नदी के पानी में बुलबुला निकलने पर राहत व बचाव टीम उधर ही नाव लेकर निकल पड़ती है। महिलाओं व बच्चों की दहाड़ से पूरा माहौल गमगीन हो उठा है। सुखल सहनी की पत्नी अपने तीन पुत्रों के साथ पति के मरने की आशंका से मूर्छित होकर गिर पड़ती है।

लापता नगु राय की बेटी नीपू तथा अन्य परिजनों में मु. भुखली व राजंती देवी सहित कई महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर, नाव दुर्घटना में मौत के मुंह से निकलकर बाहर आये जख्मी युवक शोभन राय लोगों से घटना की आपबीती सुनाते हुए खामोश हो जाता है। उसकी आंखों में मौत का खौफ साफ-साफ नजर आ रहा है।

एसडीएम के निर्देश पर मडिकल टीम उसके घर पर पहुंचकर ही उसका इलाज कर रही है। देर शाम तक लापता लोगों को ढूढ़ने में गोताखोर टीम को कामयाबी नहीं मिल सकी थी। डीएम व एसपी घटनास्थल पर कैम्प किए हुए हैं। 

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