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टाइगर योगेन्द्र नारायण सिंह नहीं रहे

बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के भूतपूर्व महामंत्री टाइगर योगेन्द्र नारायण सिंह का देहावसान हो गया। बुधवार को उन्होंने कंकड़बाग स्थित अपनी पुत्री के आवास पर अंतिम सांस ली। उन्होंने अपने पीछे दो पुत्र और दो पुत्रियों का भरा पूरा परिवार छोड़ा है।

पटना विश्वविद्यालय से राजनीति शॉ में एमए व बिहार विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री लेने के बाद उन्होंने अपने कॅरियर की शुरुआत की। बाद में उनका चयन रिजर्व बैंक में हुआ। पर, चीनी हमले के वक्त सारी भर्तियां रोक दी गईं और उनकी नियुक्ति नहीं हो सकी। भारतीय रेल, सीडीए और पटना सचिवालय सेवा में भी उनका चयन हुआ।

उन्होंने सचिवालय सेवा को स्वीकार किया।1978 में पटना सचिवालय के सामने कर्मचारियों की मांगों को लेकर उन्होंने 19 दिनों तक अनशन किया। राष्ट्रपति शासन होने के बावजूद उनकी सारी मांगें मान ली गईं। तब इंदिरा गांधी पटना आईं थीं और उनके हस्तक्षेप से मांगें मानी गई थीं। तभी से कर्मचारियों ने उन्हें टाइगर कहना शुरू कर दिया। योगेन्द्र नारायण संयुक्त बिहार के छह लाख कर्मचारियों के नेता थे। उनके निधन पर कर्मचारी नेताओं ने दुख प्रकट किया है।

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