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लीजधारी कराते हैं अवैध उत्खनन : शाह

शाह कमीशन के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एमबी शाह ने कहा है कि अवैध उत्खनन मजदूर नहीं करते, बल्कि लीजधारी कराते हैं। लीजधारी द्वारा लीज एरिया से बाहर उत्खनन, पर्यावरण के नियमों की अवहेलना तथा निर्धारित क्षमता से अधिक उत्पादन अवैध उत्खनन के दायरे में आता है। न्यायमूर्ति श्री शाह शनिवार को पिल्लई हॉल में आयोजित पब्लिक मीटिंग में लोगों की बात सुनने के बाद उन्हें संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर बताया कि जनसुनवाई के दौरान दो बातें सामने आयी हैं। एक तो अवैध उत्खनन चल रहा है और अवैध उत्खनन को बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि हमलोगों तय करना है कि किधर अवैध उत्खनन हो रहा है और इसके रोकथाम के लिए क्या किये जाएं। पिल्लई हॉल में लगभग ढाई घंटे चली इस मीटिंग में उनके साथ कर्नाटक सरकार के मुख्य वन संरक्षक यूडी सिंह, गुजरात के भूगर्भशास्त्री जर्नादन प्रसाद, आयोग के रजिस्ट्रार सुधीर एस शाह, बाल्मीकि पूछ, गुजरात सरकार के इंडस्ट्रीज एंड माइंस डिपार्टमेंट के उपायुक्त जीटी पांडेया, जिले के उपायुक्त के श्रीनिवासन, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह तथा खनन विभाग के संयुक्त निदेशक और अधिकारी उपस्थित थे।

जनसुनवाई के दौरान जहां अवैध उत्खनन का मुद्दा उठा, वहीं इस क्षेत्र में बंद पड़ी खदानों को चालू कराकर रोजगार के अवसरों का सृजन करने की बात भी उठी। कई लोगों ने शाह कमीशन से इस क्षेत्र की खदानें बंद नहीं कराने का अनुरोध किया, वहीं कुछ लोगों ने अवैध उत्खनन के लिए प्रशासन, वन विभाग और खनन विभाग पर भी अंगुली उठायी।

मीटिंग में विभिन्न खदानों से जुड़े लोगों के अलावा गुवा, नोवामुंडी, जामदा, किरीबुरू आदि क्षेत्रों से भी लोग पहुंचे थे। इस दौरान एक निजी खदान द्वारा अवैध अतिक्रमण कर अपने क्षेत्र के बाहर खनन करने का सार्वजनिक तौर पर आरोप लगा। मेसर्स टीपी साव खदान के विजय-1 और विजय-2 खदान की लीज नवीकरण लंबित होने का मामला उठा, वहीं एक निजी कंपनी द्वारा इस क्षेत्र में अतिक्रमण कर खनन करने की शिकायत भी आयोग के सामने आयी।

कुछ वक्ताओं ने कई छोटी-छोटी खदानों के लीजधारियों द्वारा अपनी लीज दूसरे को बेचकर खनन कराने की बात भी उठाई। इस दौरान चाईबासा के कमरहातु के खदान में उत्खनन से जल स्नोत के खत्म होने की शिकायत भी की गयी। वक्ताओं में से कई ने कहा कि इस क्षेत्र के वैध खदान और क्रशर बंद होने से बेरोजगारी बढ़ रही है, जिसका फायदा उग्रवाद को मिलेगा। वहीं अवैध उत्खनन से यह क्षेत्र अपराधियों का पनाहगार बन गया है।

लोक सुनवाई के दौरान अनूप सुल्तानियां, पूर्व विधायक मंगल सिंह बोबोंगा, पूर्व विधायक देवेन्द्र नाथ चांपिया, पूर्व सांसद बागुन सुम्बरूई, मेसर्स टी पी साव माइंस के पार्टनर संदीप साव, बरायबुरू के मुखिया मंगल सिंह गिलुवा, जगन्नाथपुर की विधायक गीता कोड़ा, इंदू शेखर तिवारी, विमल सुम्बरूई, रोबी लाकड़ा, नजीर खान, इजहार राही, सोना देवगम, राजानुज शर्मा, सुभाष मिश्र, प्रशांत कुमार चांपिया, ब्रजमोहन मिश्र, कोल्हान रक्षा संघ के पोरेश पाड़ेया, झादिपा के भगवान सिंकू, अधिवक्ता आनंदवर्धन प्रसाद, आजसू नेता जीतेन्द्र बोबोंगा, गुवा की रीता टूटी, जमीन बचाव समन्वय समिति के संयोजक डेबरा तुबिड, रोटरी क्लब के अनिल खिरवाल, राम चंद्र सवैयां, सारंडा के जोगेश्वर गोप, राकेश राउत, बृजलाल दास, अनिल कुमार महतो ने भी अपना विचार व्यक्त किया।
 
लिखित में करें शिकायत, दें जानकारी: चेयरमैन
मीटिंग के दौरान शाह कमीशन के चेयरमैन ने कहा कि वे लोग तीन दिनों तक यहां रहेंगे और क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति की जानकारी लेंगे। उन्होंने लोगों से उनसे मिलकर अपनी शिकायतें देने का आह्वान किया। वक्ताओं द्वारा एक ही तरह की बात दुहराने और मुद्दे से हटकर विचार व्यक्त करने पर उन्होंने लिखित रूप में अपनी बात रखने को कहा। साथ ही जिन लोगों ने महत्वपूर्ण जानकारियां दीं उनसे भी लिखित जानकारी देने को कहा।

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  • Web Title:लीजधारी कराते हैं अवैध उत्खनन : शाह