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विकास मित्रों को मिलेंगे प्रतिमाह पांच हजार रुपये: नीतीश

बिहार में दलितों की विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के दूत के रूप में लोकप्रिय विकास मित्रों को अब प्रतिमाह 5000 रुपये का मानदेय सरकार की ओर से दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज यहां एक कार्यक्रम के दौरान बिहार में कार्यरत 9500 से अधिक विकास मित्रों का मानदेय बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। दलितों और महादलितों को विकास का लाभ देने के लिए प्रत्येक पंचायत और वार्ड में पदस्थापित विकास मित्रों को पहले चार हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था।

विकास मित्र जागरूकता सम्मेलन में नीतीश ने महादलित परिवार की महिलाओं के लिए साक्षरता के लिए महादलित महिला अक्षर आंचल योजना की शुएआत की, जिसका लक्ष्य प्रत्येक वर्ष कम से कम आठ महिलाओं को साक्षर बनाना होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दलितों में अत्यंत पिछड़े महादलितों के वास क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री शताब्दी महादलित टोला विकास योजना के तहत पेयजल, शौचालय, नाली, सड़क आदि सुविधा पहुंचाने के लिए शुरू की है। नीतीश कुमार ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग से कहा कि सभी विकास मित्रों को एसएसटी अत्याचार निवारण कानून का सारांश उपलब्ध कराये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के पहली कक्षा से लेकर सभी पढ़ने वाले बच्चों के लिए राज्य सरकार छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है। बीते वित्तीय वर्ष 2011-12 में छात्रवृत्ति के लिए 456 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। अब एक ठोस छात्रवृत्ति दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि महादलित परिवार के बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए महादलित उत्थान केंद्र का प्रयोग काफी सफल रहा है। महादलित की पहचान करने के लिए केंद्र ने भी बिहार सरकार की सराहना की है।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जिन विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़े वह एक मिसाल है। बिहार सरकार दलितों के लिए सत्ता, संपत्ति और शिक्षा में अधिकार दिलाने के लिए प्रयासरत है। मोदी ने कहा कि विकास मित्र दलित और महादलित समुदाय के जीवन में परिवर्तन के लिए दूत हैं।

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