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नग्नता तो दिमाग में होती है: पाओली

अभिनेत्री पाओली डाम बांग्ला फिल्मों में खुलकर जिस्म की नुमाइश करने और सेक्सी सीन को निभाने के कारण दर्शकों की चहेती रही हैं। वह अब फिल्म ‘हेट स्टोरी’ में न्यूड सीन देकर चर्चा में हैं। आखिर क्यों? आइये जानें

इस फिल्म में काम करने की कोई खास वजह?
भला मैं क्यों इस फिल्म को करने से मना करने लगी? माना कि मैं कोलकाता में रहते हुए कई अच्छी बांग्ला फिल्में कर रही थी, मगर हिन्दी फिल्मों में  काम करने का अपना एक अलग मजा है। बांग्ला की अपेक्षा हिन्दी फिल्मों का दर्शक वर्ग बहुत बड़ा है। यहां लाजर्र देन लाइफ वाले चरित्र हैं और उसी अनुपात में ग्लैमर भी है। मैंने बांग्ला फिल्म ‘छत्रक’ में भी न्यूड सीन दिए हैं और यह फिल्म काफी हिट रही है। इस फिल्म के बाद ही विक्रम भट्ट ने ‘हेट स्टोरी’ का ऑफर दिया था। जब फिल्म का पहला पोस्टर बाजार में आया, जिसमें मेरी नंगी पीठ की तस्वीर थी, तब इस फिल्म की चर्चा शुरू हुई।

पहले पोस्टर में आपकी पहचान क्यों छिपायी गयी?
मुझे भी इस बात की कोई भनक नहीं थी कि फिल्म की शुरुआत में जो पहला पोस्टर जारी होगा, उसमें मेरा चरित्र और मेरी पहचान दोनों को छिपाया जाएगा। यह निर्माता का अपना निर्णय है। जब मेरी नंगी पीठ वाला पोस्टर जारी हुआ तो जिन्हें पता था कि मैं पोस्टर जारी कर रही हूं तो मैंने उन सबसे कहा कि थोड़ा इंतजार करो, सब कुछ सामने आएगा।

फिल्म में आपका किरदार क्या है?
यह एक इरॉटिक थ्रिलर के साथ रोमांटिक फिल्म भी है। फिल्म की कहानी कॉरपोरेट जगत के अंदर घूमती है, जिसमें मैंने काव्या नामक एक अति महत्वाकांक्षी नारी का किरदार निभाया है। यह एक ऐसी नारी का पात्र है, जो उसी इंसान से एक दिन बदला लेने निकल पड़ती है।

इस चरित्र के लिए आपने क्या-क्या तैयारियां कीं?
मुझे कई तरह की तैयारियां करनी पड़ीं, जो कि मेरे लिए आसान नहीं था। पहली बार फिल्म की शूटिंग के लिए मुंबई में रहना मेरे लिए कठिन था, क्योंकि इससे पहले मैं कभी भी अपने परिवार और कोलकाता शहर से इतने लंबे समय तक अलग नहीं रही थी। मैं एक ऐसे परिवार से हूं, जहां सभी लोग खाने के बड़े शौकीन हैं, जबकि मुंबई पहुंचने पर मेरे लिए खाने पर सीमाएं बांधी गईं। पूरे ढाई माह के अंदर मुझे अपना दस किलो वजन कम करना पड़ा। इसके अलावा मुझे हिन्दी नहीं आती थी, तो मुझे हिन्दी भी सीखनी पड़ी। इस फिल्म में पूरे चार तरह के मेरे लुक हैं।

फिल्म के बोल्ड सीन की भी काफी चर्चा है?
यह बॉलीवुड की पहली ‘इरॉटिक फिल्म’ है, इसलिए भी चर्चाएं होना स्वाभाविक ही है। वैसे मुझे इस तरह के दृश्य देने से कभी परहेज नहीं रहा और ना ही कभी हिचक हुई। मेरा मानना है कि ‘नग्नता तो इंसान के दिमाग में होती है, शरीर में नहीं।’ इस फिल्म की ही तरह किसी भी फिल्म में बोल्ड दृश्यों को निभाने की मेरी इच्छा के चलते ही मैं इस फिल्म से जुड़ पाई।

यानी कि इस फिल्म में काफी नग्नता है?
मैं परफॉर्मर हूं और यदि मैं किसी सीन में जान डालने के लिए अपने बदन से कपड़े उतारती हूं तो इसका अर्थ यह है कि मैं अपना काम ईमानदारी से कर रही हूं। एक कलाकार के रूप में किसी भी किरदार को निभाते समय मुङो कोई हिचक नहीं होती।

पर ऐसे बोल्ड दृश्यों से आपके माता-पिता को तो परेशानीहोगी?
बिल्कुल नहीं होगी, जब तक दृश्यों को बहुत ही कलात्मक ढंग से परदे पर पेश किया जाता रहेगा, तब तक मेरे माता-पिता को कोई समस्या नहीं है।

सुना है कि आपने पूरी यूनिट के सामने सारे बोल्ड सीन शूट किए हैं?
इसमें अचरज वाली कौन-सी बात है? फिल्म की पूरी यूनिट मेरे लिए परिवार की तरह है।

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