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राजा भइया का सबसे खास सिपहसालार था राजीव

सीबीआई के सामने और सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश के खाद्य, रसद और कारागार मंत्री रघुराज प्रताप सिंह (राजा भइया) के खिलाफ सनसनीखेज आरोप लगाने वाला राजीव कुमार यादव कभी उनका सबसे खास सिपहसालार था। राजा भइया ने 1993 में कुण्डा से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था तो राजीव उनके प्रमुख कार्यकर्ताओं में शामिल था। राजा भइया मुलायम सिंह यादव की सरकार में मंत्री बने तो राजीव का ही जलवा रहा। बाद में रहस्यमय कारणों से वह राजा भइया से दूर हो गया। राजीव के बयानों को लेकर कुण्डा समेत पूरे बेल्हा में तरह-तरह की चर्चा हो रही है।

कुण्डा के गोतनी गांव का रहने वाले राजीव की पृष्ठभूमि एक सामान्य किसान परिवार की है। राजा भइया ने 1993 में राजनीति के मैदान में कूदने का फैसला किया तो राजीव उनकी यूथ ब्रिगेड का हिस्सा बन गया। राजीव चुनाव के दौरान ही राजा भइया के सबसे खास सिपहसालारों में से एक हो गया। इसके बाद तो राजा भइया के दरबार में उसका ही जलवा रहा। राजा भइया को मुलायम सिंह यादव की सरकार में खाद्य और रसद विभाग का कैबिनेट मंत्री बनने का मौका मिला तो उन्होंने राजीव को अपना जनसम्पर्क अधिकारी बना लिया। यह दौर राजीव के लिए सबसे अहम था। लेकिन उसी दौर में उसकी बेहद रहस्यमय कारणों से राजा भइया के दरबार से छुट्टी कर दी गई।

राजीव के बयान ने कुण्डा क्षेत्र में सरगर्मी पैदा कर दी है। वहां के लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। राजा भइया समर्थकों का कहना है कि बात राजनीतिक विरोध की हो सकती है। मामले के पीछे तमाम राजा विरोधियों के नाम होने की भी चर्चा जोरों पर रही। कहा जा रहा है कि  सपा सरकार में ताकतवर मंत्री के रूप में शामिल होने के चलते उनको विवादों में घसीटा जा रहा है। वहीं राजा भइया के विरोधी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। लेकिन इस तूफान से बेल्हा के राजनीति गलियारों में जबर्दस्त हलचल मच गई है।

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