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कोखराज थानाध्यक्ष की भूमिका पर उठे सवाल

छात्र के एमएमएस प्रकरण में कोखराज के थानाध्यक्ष मनोज शुक्ला की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। जिस मामले को थानाध्यक्ष ने जानकारी नहीं होने की बात कही उसी के वादी पक्ष का नाम खुद ही एसपी को एसओ ने बताया। अब सवाल यह उठता है कि ‘हिन्दुस्तान’ की खबर में जब शिकायतकर्ता का नाम नहीं छपा तो थानाध्यक्ष को पीड़ित का नाम और उसके खानदानी सजरे का कैसे पता चल गया।

‘हिन्दुस्तान’ ने शुक्रवार के अंक में मूरतगंज की छात्र का अश्लील एमएमएस बनाए जाने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उस दौरान जब कोखराज के थानाध्यक्ष मनोज शुक्ला से बात की गयी तो उन्होंने मामले की जानकारी होने से ही इंकार कर दिया था। शुक्रवार के अंक में जब समाचार पत्र में खबर प्रकाशित हुई तो एसपी अनिल दास ने फौरन थानाध्यक्ष से बात की तो उन्होंने छात्र और उसके पिता का नाम बता दिया।

अब सवाल यह है कि अगर खबर में छात्र और उसके पिता का नाम नहीं छपा था तो एसओ को कैसे बिना शिकायत के उनका नाम पता चल गया। सूत्रों की मानें तो छात्र के एमएमएस बनाने वालों में रईसजादों का नाम सामने आ रहा है। सो, पुलिस पूरे मामले को रफा-दफा करने के फिराक में है। इसीलिए मामले की शिकायत नहीं होने की बात कहकर बचा जा रहा है। वहीं छात्र के घरवालों को इज्जत का हवाला देकर खामोश कराया जा रहा है।

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