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यूपी बोर्ड की कार्यप्रणाली जानेंगे कर्नाटक के विशेषज्ञ

एशिया के सबसे बड़े बोर्ड माध्यमिक शिक्षा परिषद की कार्यप्रणाली देश-विदेश के विशेषज्ञों के लिए उत्सुकता का विषय बनी रहती है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के लाखों छात्र-छात्रओं की परीक्षा बोर्ड कैसे करवाता है, इसे समझने के लिए कर्नाटक के विशेषज्ञ आने वाले हैं।

जानकारी के अनुसार कर्नाटक सरकार के पब्लिक इंस्ट्रुक्शन कमिश्नर तुषारनाथ गिरी 18 अप्रैल को यूपी बोर्ड मुख्यालय पहुंचेंगे। श्री गिरी माध्यमिक शिक्षा निदेशक और बोर्ड सचिव बासुवेद यादव से मुलाकात कर परीक्षा प्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

कर्नाटक से आ रहे अधिकारी को बोर्ड परीक्षा से जुड़े तथ्यों की जानकारी देने के लिए यूपी बोर्ड भी तैयारी कर रहा है। बोर्ड इस सत्र में 64 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा ले रहा है जो अपनेआप में एक बड़ी चुनौती है। परीक्षा शुरू होने के एक सप्ताह पहले से बोर्ड मुख्यालय में दिन के अलावा रात में भी काम होता है। सचिव को भी रात-रात भर जगकर तैयारियां करवानी पड़ती है।

तीन महीने के अंदर परीक्षा करवाने से लेकर रिजल्ट घोषित करने तक की प्रक्रिया कैसे पूरी की जाती है। किस गोपनीय तरीके से परीक्षा केन्द्रों तक पेपर भेजे जाते हैं, मूल्यांकन का काम कैसे होता है, रिजल्ट जारी करने से पहले क्या-क्या सावधानियां बरती जाती है आदि के बारे में श्री गिरी को बताया जाएगा।

इससे पहले दूसरे देशों के विशेषज्ञ भी बोर्ड परीक्षा के बारे में जानकारी लेने आ चुके हैं। प्रभा त्रिपाठी के कार्यकाल में तीन साल पहले 2009 में नेपाल की एक टीम बोर्ड परीक्षा आयोजन का तौर-तरीका जानने पहुंची थी।

उससे पहले बासुदेव यादव के ही कार्यकाल में आस्ट्रेलिया की एक टीम आयी थी। वहीं अचला खन्ना के कार्यकाल में सार्क देशों की एक टीम बोर्ड परीक्षा के बारे में जानकारी लेने आयी थी। सार्क टीम के सदस्यों को सीमैट सभागार में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए तकनीकी जानकारी दी गयी थी।

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