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नूपुर को गिरफ्तार न करने का आदेश

सप्रीम कोर्ट में गलती से हुई सुनवाई आरुषि-हेमराज मर्डर केस की अभियुक्त आरुषि की मां नूपुर के लिए राहत का सबब बन गई। कुछ ही दिन के लिए ही सही, लेकिन कोर्ट ने सीबीआई से कहा वह उन्हें तब तक गिरफ्तार नहीं करेगी जब तक उनकी अर्जी पर उचित बेंच सुनवाई नहीं कर लेती।

सीबीआई की गिरफ्त से बाहर नूपुर तलवार आश्चर्यजनक रूप से सुनवाई के दौरान कोर्ट कक्ष में मौजूद थीं। जस्टिस एके पटनायक और जेएस खेहर की खंडपीठ ने सीबीआई को मौखिक निर्देश देते हुए केस को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस.एच. कपाड़िया के पास भेज दिया।

शुक्रवार को यह मामला जैसे ही जस्टिस पटनायक की बेंच के सामने आया कोर्ट ने घोषणा की कि वह नूपुर को संरक्षण देना चाहती है। लेकिन सीबीआई के वकील हरेन रावल ने कहा कि नूपुर सीधे सुप्रीम कोर्ट नहीं आ सकतीं। उनकी अर्जी ट्रायल कोर्ट का वारंट रद्द करवाने के लिए है, हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील नहीं। इस पर कोर्ट ने कहा, ‘वह तो सोच रहे थे कि अर्जी समीक्षा याचिका के संबंध में दायर की गई है। हमने इसी कारण संक्षिप्त सुनवाई के बाद इसे शुक्रवार को सूचीबद्ध करवाया था। हमें नहीं पता था कि मामला जमानत से संबंधित है।’ नूपुर की समीक्षा याचिका जस्टिस पटनायक की बेंच के समक्ष लंबित है।

खंडपीठ ने कहा कि उन्हें सीबीआई पर पूरा भरोसा है कि वह नूपुर को नहीं छुएगी। सीबीआई मामले को उचित बेंच द्वारा निर्णित किए जाने तक कुछ नहीं करेगी। कोर्ट के रुख को देख सीबीआई ने कहा कि वह नूपुर को गिरफ्तार नहीं करेगी।

 

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