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बीमारियों को भी दावत देती है शुद्ध-पानी पीने की आदत

कहते हैं, ‘गुरु बनाओ जान के, पानी पियो छान के।’ पानी को अधिक शुद्ध बनाने के लिए लोग आरओ और यूवी सिस्टम का सहारा लेते हैं। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि स्वच्छ पानी पीने की आदत भी पेट की परेशानियों को जन्म दे सकती है।

कंज्यूमर एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर ने आरओ और पानी को शुद्ध करने वाले ऐसे ही विभिन्न उपकरणों की जांच की है। इस दौरान देश के विभिन्न शहरों में आरओ का इस्तेमाल करने वाले और न करने वाले घरों में बीमार पड़ने वालों का अनुपात 50:50 देखा गया।

सेंटर की जनरल मैनजर प्रीति शाह ने बताया कि पानी को शुद्ध करने वाले उपकरणों में खास तरह की मेंब्रेन काम करती है, जो बुरे के साथ-साथ अच्छे जीवाणुओं को भी अवशोषित कर लेती है। इससे पानी में पाए जाने वाले मिनरल, शरीर में नहीं पहुंच पाते।

ये हमें पेट संबंधी बीमारियों से बचाते हैं। शाह के मुताबिक विभिन्न जगह के पानी का टीडीएस (टोटल डिजाल्व सॉलिड) स्तर अलग-अगल होता है। इसके मानक विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने तैयार किए हैं। उसने 100 से 150 स्तर के टीडीएस को ठीक बताया है। शाह ने बताया कि लोगों को आरओ या यूवी सिस्टम लगाने से पहले म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन से पानी की जांच करा लेनी चाहिए। अगर टीडीएस सामान्य से अधिक हो, तभी आरओ या यूवी लगवाना चाहिए।

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