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मैंने कई शादियों में वीडियोग्राफी की है!

मैंने कई शादियों में वीडियोग्राफी की है!

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में लक्ष्य विरानी का किरदार निभा चुके पुलकित सम्राट ने इस सीरियल को बीच में ही छोड़ दिया था। अब वह बिट्टू बॉस बन कर लौटे हैं। बिट्टू बनने के लिए उन्होंने काफी तैयारियां भी की हैं। पंजाबी सीखी। कैमरा चलाना सीखा। यहां तक कि शादियों में जाकर वीडियोग्राफी की। फिल्म से जुड़े पुलकित के अनुभव जानते हैं उन्हीं के शब्दों में ।

कैमरा चलाना सीखा
फिल्म की कहानी पंजाब के एक छोटे से पिंड के बिट्टू नामक लड़के की है,जो शादी-ब्याह में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करता है। वह डैशिंग है। स्मार्ट है। अपने छोटे शहर में वह हीरो है। लड़कियां उसकी दीवानी हैं और हर कोई चाहता है कि उसकी शादी में बिट्टू ही फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करे। इसलिए बिट्टू से पूछ कर ही लोग अपनी शादी की तारीख तय करते हैं। पर एक दिन उसे बड़े शहर की दुनिया का आईना दिखा दिया जाता है, फिर उसकी जिंदगी में देखने लायक बदलाव आते हैं। बिट्टू बॉस बनने के लिए मैंने ढेर सारी तैयारियां कीं। पूरे एक महीने तक मैंने दिल्ली में अपने एक दोस्त के पास जाकर काफी कुछ सीखा। उसका दिल्ली में अपना स्टूडियो है। मैंने कैमरा पकड़ने से लेकर शूटिंग करने तक कई चीजें सीखीं। स्कूटर चलाना सीखा। इतना ही नहीं, दिल्ली में दो-तीन शादियों में जाकर वीडियोग्राफी भी की। पंजाब के पिंड में जिस तरह की पंजाबी बोली जाती है, वह सीखी। मैंने कैमरे का इतना काम सीखा कि फिल्म की मेकिंग मैंने खुद शूट की है।

पुलकित-बिट्टू दोनों में ईगो है
पुलकित और बिट्टू दोनों को ही अपना काम पसंद है। मेरा मानना है कि बिट्टू के अंदर जिस तरह की ईगो है, उस तरह की ईगो तो हर इंसान में होनी चाहिए। मेरे अंदर भी उसी तरह की ईगो है। हम दोनों में एक फर्क यह है कि बिट्टू बहुत मुंहफट है, बहुत बातूनी है, जबकि मैं बहुत कम बोलता हूं। इसके अलावा बिट्टू को लड़कियां बहुत पसंद करती हैं, जबकि मुझे लड़कियां पसंद करती हैं या नहीं, मुझे पता नहीं।

मेरी अगली फिल्म
फिलहाल तो बिट्टू बॉस के प्रमोशन में समय दे रहा हूं। दो से तीन फिल्मों की स्क्रिप्ट मेरे पास पड़ी हुई है। अभी तक इन्हें पढ़ नहीं पाया हूं। इस फिल्म की रिलीज के बाद उन पर गौर करूंगा।

बिट्टू बॉस के बाद
मैंने इस बारे में कुछ सोचा नहीं है। मैं हमेशा अपने अंदर के अहसास के आधार पर काम करता हूं। योजना बना कर कभी काम नहीं करता। बचपन से ही एक्टिंग का शौक रहा है। फिर भी कोई योजना नहीं बनाई। .दिल्ली में पढ़ाई की। थिएटर भी किया और एक दिन मुझे एकता कपूर के सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में लक्ष्य विरानी का किरदार निभाने का मौका मिला। अब बिट्टू बॉस बन गया हूं।

एकता और मेरे बीच सब ठीक है
एकता कपूर से मेरी कोई अनबन नहीं हुई, बल्कि मैंने उनकी सहमति से ही सीरियल छोड़ा था। एक मुकाम पर जाकर मुझे ऐसा लगा कि अब लक्ष्य के किरदार में कुछ नया नहीं हो रहा है। मैंने एकता जी से कहा कि काम करने में मजा नहीं आ रहा है। मुझे लग रहा था कि टीवी पर काम करना कोई चुनौती वाला काम नहीं है। बहुत आम बात है। बदलाव के लिए जिंदगी में कुछ नया काम भी करना चाहिए। इसलिए मैंने सीरियल छोड़ दिया, वरना मेरे और एकता के बीच आज भी अच्छे संबंध हैं।

लक्ष्य और बिट्टू बॉस के बीच
मैं फिल्मों के लिए अपने आपको तैयार करता रहा। आवाज पर काम किया। इसके अलावा वैभवी मर्चेट की बहन स्वाति मर्चेट के म्यूजिकल बैंड से जुड़ कर थिएटर के लिए म्यूजिकल शो ‘ताज एक्सप्रेस’ तैयार किया। खाली कभी नहीं बैठा। कुछ न कुछ करता ही रहा। फिर फिल्म मिल गई तो उसमें व्यस्त हो गया। अब फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त हूं। इसके बाद कुछ और करूंगा।

 

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