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सॉफ्टवेयर बताएगा अस्पताल में कहां-कितना खतरा

अस्पतालों में संक्रमण का पता लगाने का काम अब सॉफ्टवेयर करेगा। यह ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू, जनरल वार्ड, ब्लडबैंक और इमरजेंसी में संक्रमण का स्तर बताएगा।

इससे ऐहतियात बरतने का दायरा बढ़ेगा। सॉफ्टवेयर को किसी इंजीनियर ने नहीं, बल्कि एम्स की डॉक्टर पूर्वा माथुर ने तैयार किया है। एम्स ट्रामा सेंटर इस डिवाइस को शुरू करने वाला पहला संस्थान है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की शोधकर्ता डॉ माथुर ने बताया, सिस्टम के तहत ट्रामा सेंटर में लगे कंप्यूटर में इन विभागों की जानकारी फीड होगी। इसके बाद इंटरनल वायर सिस्टम के जरिए एक जगह संक्रमण के स्तर की सूचना एकत्रित हो जाएगी। इसका स्तर दूरी के हिसाब से तय होगा।

इसका पता चलने के बाद इन जगहों पर ऐहतियातन दवा, फॉगिंग, संक्रमण रोधी छिड़काव होगा। साथ ही उसे रोकने के लिए साधनों का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। ट्रामा सेंटर के प्रभारी डॉ. एम.सी. मिश्र ने कहा कि एचएसी (हॉस्पिटल एक्वायर्ड इंफेक्शन) को पिछले 15 वर्षो से देश में एक गंभीर समस्या माना जा रहा है।

इससे बचाव के अभी बेहतर विकल्प नहीं हैं। इसी संदर्भ में भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान परिषद (आईसीएमआर) की आर्थिक मदद से सॉफ्टवेयर पर दो साल पहले काम शुरू किया गया।

 

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