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समृद्ध रही है संथाली भाषाः मरांडी

झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि संथाल आदिवासियों की संस्कृति और भाषा समृद्ध रही है तथा इस कारण इसकी अलग पहचान है।

मरांडी गुरुवार को यहां सिद्धोकान्हु मुमरू विश्वविद्यालय के एसपी कॉलेज के परीक्षा प्रशाल 34वें संथाली भाषा साहित्य दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि संथाली भाषा और संस्कृति की विकास करने की दिशा में सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है।

मरांडी ने इंग्लैंड का उदाहरण देते हुए देते हुए कहा छोटा सा देश होने बावजूद अंग्रेजी पूरे विश्व मे अपना स्थान बनाने में सफल हुआ है। संथाल समुदाय के लोग संथाली भाषा बोलते हैं। इनकी भाषा समृद्ध है इसलिए संथाल समाज के लोगों को अपनी समृद्ध भाषा के विकास के लिए आगे आना चाहिए।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. एम बसीर अहमद खान के साथ विधायक मिस्त्री सोरेन, पूर्व डीआईजी सिदो हम्ब्रम, पुलिस अधीक्षक, कॉलेज के प्राचार्य डा. सिकन्दर यादव भैया हांसदा चासा सहित काफी तादाद में संथाली भाषा के जानकार और साहित्यकार भी शामिल हुए।

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