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गर्मी को हराएंगे ये नुस्खे

भारत परंपराओं का देश है। ये परंपराएं रसोई या जीवनशैली से भी जुड़ी हैं और इंसान को सुख, समृद्धि और सेहत के करीब ले जाती हैं। ऐसी तमाम परंपराओं को आज तक सहेज कर रखा है बुजुर्ग महिलाओं ने, जिन्हें हम प्यार से दादी या नानी कहते हैं। इन दादी मां और नानी मां से बात कर हमने जाने इनके ऐसे घरेलू नुस्खे, जो गर्मी के कहर से आपके परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। बता रही हैं अरशाना अजमत

पेट कहे..ऑल इज वेल
धूप की किरणों का सीधा हमला आपके या आपके परिवार के किसी सदस्य के पेट पर होता है। या तो पेट अपने कामों की छुट्टी कर देता है या फिर ओवरटाइम शुरू कर देता है। दोनों ही स्थिति में आपकी हालत जरूर खराब हो जाती है। इसलिए अगर आप अपने परिवार को इस परेशानी से बचाना चाहती हैं तो इलाहाबाद की 85 वर्षीय राम दुलारी की सलाह पर गौर फरमाइए। राम दुलारी कहती हैं, ‘अपनी रसोई में पिसी हुई दालचीनी हमेशा तैयार रखें। जैसे ही किसी के पेट खराब होने के लक्षण महसूस हों, उसे आधा कप गर्म पानी में दालचीनी का चूरा मिलाकर पिला दें। पेट खराब होने से पहले ही ठीक हो जाएगा।’ राम दुलारी की सलाह को आप इस तरह से भी ले सकती हैं कि गर्मियों में सप्ताह में दो बार किसी व्यंजन में दालचीनी का इस्तेमाल जरूर कीजिए, ताकि यह आपके और परिवार के सारे सदस्यों के पेट में जाकर उसे गर्मी से बचाने का काम करती रहे।

लू का काम तमाम
गर्मी में जब भी परिवार का कोई सदस्य बाहर जाता है तो उसे लू से बचने के लिए खूब पानी पीकर जाने की सलाह दी जाती है। या फिर कहा जाता है कि दही खाकर जाओ। अगर ये दोनों नुस्खे आपको नाकाफी लगते हों तो आप पूर्णिया, बिहार की 45 वर्षीय शैल का नुस्खा भी आजमा सकती हैं। शैल कहती हैं, ‘पुदीने की पत्तियों को सुखाकर उनका चूरा बनाकर घर में रख लेना चाहिए। इसे दही में मिलाकर खाने से लू से काफी बचाव होता है।’ वहीं बाराबंकी की 65 वर्षीय कृष्णा देवी सलाह देती हैं कि जीरे को भून कर पीसकर रख लेना चाहिए। इसे भी दही में मिलाकर खाने से बाहर जाने पर लू का असर नहीं होता है।

सिरदर्द की टेंशन खत्म
धूप में कहीं आना-जाना यानी सिरदर्द को न्योता देना! दर्द ज्यादा बढ़ जाए तो एक गोली निगल कर साइड इफेक्ट को दावत देना! लेकिन अगर आप सारिका की सलाह पर अमल कीजिएगा तो सिरदर्द भी छूमंतर हो जाएगा और कोई नुकसान भी नहीं होगा, उल्टे शरीर को पौष्टिकता मिलेगी। सारिका सलाह देती हैं-‘अगर आपको या आपके परिवार में किसी को गर्मी की वजह से सिरदर्द हो तो उसे दस बादाम चबाकर खाने को कहिए। इससे सामान्य सिरदर्द कुछ मिनटों में भाग जाता है। और अगर इससे भी राहत न आए तो उंगलियों को लौंग के तेल में डुबोकर लगातार इनसे सिर के उस हिस्से पर लगाएं, जहां दर्द है। इससे तो दर्द शर्तिया छूमंतर हो जाएगा।’ दरअसल ज्यादातर बुजुर्ग महिलाएं मानती हैं कि अगर गर्मियों में बादाम का सेवन रोज किया जाए तो सिरदर्द जैसी शिकायत कम होती हैं। इसलिए उनकी सारी गृहिणियों को सलाह है कि हलवे, खीर या ऐसे दूसरे पकवानों में बादाम जरूर डालें, ताकि परिवार के सदस्य इसका सेवन कर सकें।

थकान का मिट जाए नामो-निशान
गर्मी आते ही हर वक्त थकान सी महसूस होती रहती है। खासतौर से अगर आप बाहर धूप से चलकर आए हैं तो। स्टैमिना की कमी हो जाती है। शरीर बोझिल-बोझिल सा महसूस होता है। इस समस्या से अपने परिवार को बचाने के लिए अमूमन गृहिणियां आम का पना या दही की लस्सी बनाकर रखती हैं और इसे रोजाना खुद भी पीती हैं तथा परिवार के सदस्यों को भी पिलाती हैं। लेकिन इसके अलावा भी एक रामबाण सरीखा नुस्खा है, जो आपको और आपके परिवार को गर्मी में तरोताजा रख सकता है। कृष्णा देवी यह नुस्खा बताती हैं, ‘दूध में पिसी इलायची और गुलाब की पिसी हुई पत्तियां मिलाकर उसे उबाल लें। फिर ठंडा करके फ्रिज में रख दें। गर्मी में नाश्ते के बाद अगर यह मिश्रण पी लिया जाए तो सारा दिन धूप का असर नहीं होता। शरीर में ठंडक बनी रहती है।’ वैसे इस समस्या से निपटने के लिए एक नुस्खा बस्ती, उत्तर प्रदेश की 93 वर्षीय अमरासी देवी के पास भी है। अमरासी देवी कहती हैं, ‘तरबूज के बीज, चीनी, केसर, इलायची को पीस कर पाउडर बना लें और रख लें। जब भी खुद दूध पिएं या किसी को पीने के लिए दें तो उसमें एक चम्मच यह पाउडर मिला दें। इससे भी गर्मी नहीं लगेगी और शरीर हमेशा ठंडा बना रहेगा।’

पसीने की महक से बचाव
अगर आपके घर में किसी को गर्मी में जरूरत से ज्यादा पसीना आता है और पसीने की बदबू लगातार परेशान करती रहती है तो दिल्ली की 50 वर्षीय लक्ष्मी मित्तल की बात पर गौर कर सकती हैं। वह कहती हैं, ‘अगर नहाने से पहले शरीर पर सिरके की कुछ बूंदों से मसाज कर ली जाए तो पसीने की महक काफी कम हो जाती है।’ इसी तरह से एक नुस्खा देहरादून की 68 वर्षीय निशिथा जायसवाल बताती हैं। वह कहती हैं,‘ग्लिसरीन में मूली का रस मिलाकर उससे शरीर पर मसाज के बाद  नहाने से भी पसीने की महक कम हो जाती है।’

चमकता रहे चेहरा
गर्मी में चेहरे की चमक कहीं दूर भाग जाती है। ग्लो की जगह कालिमा घेर लेती है। किसी-किसी की त्वचा पर दाने से निकल आते हैं। अगर आप इन सबसे अपनी खूबसूरती को बचाना चाहती हैं तो मेरठ की 58 वर्षीय शांति की सलाह पर गौर फरमा सकती हैं। शांति सलाह देती हैं कि नारियल पानी में तरबूज और संतरे का गूदा (मैश करके) मिला लें और इसे चेहरे पर लगाकर गुनगुने पानी से चेहरा धो दें। चेहरे की चमक बरकरार रहेगी। इसी तरह से कई बुजुर्ग गृहिणियां मानती हैं कि नीम की पत्तियों को पानी में उबाल लें। इस पानी को छानकर रख लें। इसे चेहरे या हाथ पैरों पर लगाकर धोने से झाइंयों, कालिमा और दानों से बचाव होता है।

सनबर्न को कहिए बाय-बाय
खूबसूरती की नजर से भी गर्मी खासी परेशान करने वाली होती है। सनबर्न की सूरत में काले-काले धब्बे हमारे हाथ पैरों को जकड़ लेते हैं। इनसे निजात पाने के लिए आप सारिका देवी की सलाह पर अमल कर सकती हैं। सारिका कहती हैं, ‘हल्के सनबर्न के लिए आप नहाने के पानी में खाने वाला सोडा एक चुटकी मिला लीजिए। इससे जहां सनबर्न हुआ है, उस जगह को धो दीजिए।’ एक नुस्खा कमला देवी के पास भी है। वह कहती हैं, ‘आलू को उबाल लीजिए और उसे अच्छी तरह से मैश कर लीजिए। अब इसे उस जगह पर लगाइए जहां सनबर्न हुआ है। जब सूख जाए तो ठंडे पानी से धो दीजिए।’

गर्मी से बचने के मेरे नुस्खे
चित्रा मुद्गल, प्रसिद्ध लेखिका

आपको थोड़ी-सी हैरानी होगी, लेकिन गर्मियों से बचाव के मामले में मैं पूरी तरह से देहाती परंपराओं का पालन करती हूं। गर्मी आते ही मैं घर में अमिया (कच्चा आम), पुदीना और सत्तू (चने को पीसकर बनाया गया आटा) जैसी चीजें जरूर ले आती हूं, बल्कि पुदीना तो मैं गमले में बो देती हूं। एक वक्त इसकी चटनी जरूर खाती और परिवार में सबको खिलाती हूं। इससे पेट को ठंडक मिलती है। कभी-कभी इसमें जीरा मिला लेते हैं तो यह और फायदेमंद बन जाती है।

इसी तरह से गुलाब की पत्तियों और सत्तू का शर्बत बनाकर फ्रिज में रख लेते हैं। इसे लगातार पीने से शरीर में ठंडक बनी रहती है। घमौरियां एकदम नहीं होतीं। आंखों की कोई बीमारी नहीं होती। पेट ठीक रहता है। दूध की मलाई में गुलाब जल और ग्लिसरीन मिलाकर रख लेते हैं। इसे चेहरे और हाथों पर लगाने से सनबर्न की शिकायत से बचाव होता है। एक वक्त दही जरूर खाते हैं और दही में चीनी की जगह मिठास के लिए गुड़ मिलाते हैं, जो पेट के लिए भी मुफीद होता है और पूरे शरीर को गर्मी से बचाता है। शरीर में स्टैमिना बना रहता है।

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