DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सरकारी खरीद के लिए बनेगा नया कानून

सरकारी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के इरादे से सरकार एक नया कानून ला रही है। इसके तहत सार्वजनिक खरीद एजेंसी बनाई जाएगी। इसके प्रावधानों के तहत 50 लाख रुपये से अधिक की खरीद, सेवा का ठेका या सिविल कार्य का आवंटन आएगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट गुरुवार को इस सार्वजनिक खरीद विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे सकती है।

कानून में यह भी प्रावधान होगा कि अगर कोई सरकारी अधिकारी खरीद या ठेका आवंटन की प्रक्रिया में रिश्वत मांगता है तो उसे पांच साल की सजा होगी। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद में पेश किया जा सकता है। फिलहाल सिर्फ कर्नाटक और तमिलनाडु में ही सार्वजनिक खरीद कानून लागू है। गौरतलब है कि सरकार हर साल ढाई से तीन लाख करोड़ रुपये की खरीद करती है जो केंद्रीय बजट का एक चौथाई है।

सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट की आर्थिक मामलों संबंधी समिति वित्तीय संकट से गुजर रही एयर इंडिया को उबारने के लिए एक पैकेज को भी मंजूरी दे सकती है। इसके तहत एयर इंडिया पर 1000 करोड़ रुपये के ब्याज के बोझ को हल्का करने तथा 7400 करोड़ रुपये के सरकारी गारंटी वाले बांड्स जारी करने की इजाजत उसे दी जाएगी।

एयर इंडिया की सबसे बड़ी परेशानी उच्च ब्याज दरें हैं। उसे मौजूदा कार्यकारी पूंजी पर 13 से 14 फीसदी दर से ब्याज चुकाना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि सरकार इसमें से 11,000 करोड़ रुपये के लोन को दीर्घकालिक लोन के रूप में परिवर्तित कर देगी, जिससे एयर इंडिया को उस पर 10 प्रतिशत ही ब्याज देना होगा।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सरकारी खरीद के लिए बनेगा नया कानून