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जायदाद बनी दुश्मन, मां का कत्ल, जान खतरे में

होश संभालते ही एक छात्र के सिर से पिता का साया उठ गया। जवानी की दहलीज पर कदम रखने से पहले दरिंदों ने उसकी मां का कत्ल कर दिया। उसका अपहरण कर जबरन दस साल बड़ी लड़की से शादी करा दी। इसकी शिकायत छात्र ने पुलिस से की। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब दबंग छात्र की जान के दुश्मन बन गए हैं। उन्होंने फतेहगंज पूर्वी पुलिस से मिलकर हत्या की वारदात को दुर्घटना में बदल दिया। छात्र ने इसकी शिकायत आईजी देवेंद्र प्रताप सिंह से की है। आईजी ने सीओ को जांच का आदेश देकर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के लिए कहा है।

फतेहगंज पूर्वी के रम्पुरा कमन गांव निवासी उन दिनों फरीदपुर के मानस स्थली स्कूल में पढ़ रहा था। अगस्त 2009 में उसके पिता मेहरबान सिंह का निधन हो गया। मेहरबान सिंह ने तीन शादियां की थीं। पहली पत्नी से एक लड़की सावित्री, दूसरी पत्नी से दयाराम और पुष्पा हैं। तीसरी पत्नी से विनोद और उसकी बहन माया हैं। माया की शादी शाहजहांपुर में पुवायां इलाके में कर दी गई। करीब डेढ़ सौ बीघा जमीन के परिवार में विनोद और उसका सौतेला भाई दयाराम दो दावेदार हैं। बस पिता की मौत के कुछ माह बाद ही विनोद के दुर्दिन शुरू हो गए। मजबूरन विनोद को मां नन्ही देवी के साथ गांव छोड़ना पड़ा। विनोद मां के साथ प्रेमनगर इलाके में किराए के मकान में रहने लगा। उसने बीबीए में एडमीशन ले लिया।

अपहरण के बाद रचाई शादी
बकौल विनोद, शाहजहांपुर के लोहर गांव निवासी दबंग ने अपने साथियों के साथ 12 अप्रैल 2010 को विनोद का अपहरण कर लिया। सप्ताह भर तक घर में और गाड़ी में बंधक बनाए रखा। जेल रोड पर कचहरी के पास एक अधिवक्ता से फर्जी कागजात तैयार कराए। मां को जान से मारने की धमकी देकर साढ़े तीन लाख रुपए बैंक से निकलवा लिए। नाबालिग विनोद का बालिग का सर्टिफिकेट बनवाकर 27 साल की लड़की से उसकी शादी करा दी। जबरन फतेहगंज पूर्वी के मकान पर कब्जा कर रहने लगे। शादी के बाद विनोद अपनी मां के साथ प्रेमनगर में रहने लगा। उसने अनिल पाल के खिलाफ जबरन नाबालिग की शादी कराने और साढ़े तीन लाख रुपए छीनने का मुकदमा दर्ज करा दिया।

दुर्घटना में बदल दी कत्ल की वारदात
नन्हीं देवी बेटे विनोद के साथ प्रेमनगर में रहती थीं। उन्होंने अपनी जमीन वहीं परमजीत सिंह और अन्य लोगों को बंटाई पर दे रखी थी। नन्हीं देवी को खबर मिली कि उनका पड़ोसी खेत में बढ़ाकर दीवार उठा रहा है। इसकी शिकायत करने वह फतेहगंज पूर्वी थाना गई थीं। नन्हीं देवी ने परमजीत सिंह से कहा कि वह रम्पुरा कमन होकर आती हैं। खाना उनके यहां खाएंगी और रात को रुकेंगी। नन्हीं देवी रात करीब नौ बजे तक गांव में रहीं। उसके बाद उनका कुछ पता नहीं लगा। अगले दिन चार अप्रैल को नन्हीं की टुकड़ों में कटी लाश हाईवे स 50 मीटर दूर पेड़ों में पड़ी मिली। पुलिस ने लावारिस में पंचनामा भरकर कत्ल को दुर्घटना बनाकर पोस्टमार्टम कराया। बताया जा रहा है कि नन्हीं के कई अंग लापता था।

पचास मीटर चल गई कटी लाश!
पुलिस की कहानी में नन्हीं की लाश हाईवे से 50 मीटर दूर पेड़ों में पड़ी थी। शव काफी क्षतिग्रस्त था। विनोद का कहना है कि लाश कटी थी। कई अंग गायब थे। कटी पिटी लाश 50 मीटर पेड़ों में खुद चली गई या ले जाई गई। एक्सीडेंट होता तो लाश सड़क पर मिलती। इसकी शिकायत विनोद ने थाना पुलिस, सीओ, एसपी देहात सबसे की, लेकिन जांच से आगे कार्रवाई नहीं बढ़ी।

बदमाश आदमी हैं, मर्डर हो जाएगा
विनोद को न्याय दिलाने की बजाय फतेहगंज पुलिस उसे धमका रही है। विनोद पैरवी बंद कर दे, इसलिए आरोप है कि थाने के एक दरोगा जोरावर सिंह ने विनोद को हड़काते हुए कहा कि बदमाश आदमी हैं, तेरा मर्डर हो जाएगा। चुपचाप घर बैठ जा। पुलिस अब तक महिला के साथ हुई घटना को कत्ल मानने के लिए तैयार नहीं है।

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