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अवैध खनन की एक रात की फीस रु 50 हजार

अवैध खनन की कमाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके एक रात की फीस 50 हजार से लेकर एक साल रुपये तक ली जाती है। इस खुलासे से अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस अवैध कारोबार पर किस प्रकार शिकंजा कसा जाएगा।

अवैध खनन का मामला गुड़गांव, फरीदाबाद और मेवात तक फैला हुआ है। प्रशासन के प्रतिबंध के बावजूद खनन माफिया और पुलिस की मिलीभगत से यह कारोबार अभी भी चल रहा है। अभी तक इस बारोबार को चलाने को लेकर रिश्वत का मामला सामने नहीं आया था। दबी जुबान ही इसके रेट बताए जाते थे। लेकिन, इस मामले के सामने आने से इस अवैध करोबार का सच सामने आ गया है। अवैध खनन के मामले में राज्य सर्तकता ब्यूरों ने रिश्वत लेते पकड़े गए सब इंस्पेक्टर व सिपाही ने एक रात के अवैध डंपर को निकले के लिए एक लाख रुपये की मांग की थी। बाद में यह पचास हजार रुपये में समझौता हुआ।
विजिलेंस टीम का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि आरोपी सब इंस्पेक्टर विजेंद्र कुमार और सिपाही राजाराम ने यह पैसे लेने के लिए डंपर मालिक को थाने में बुलाया था। उन्होंने बताया पचास हजार देने के बाद रात में एक से लेकर सौकड़ों डंपर को चलाया जा सकता है।कुमार ने कहा कि रिमांड के दौरान वह दोनों से इस करोबार से जुड़े कई अन्य बातों की जानकारी लेने का प्रयास करेंगे।

दो दिन की पुलिस रिमांड पर-
दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को बुधवार को सीजेएम सुनील चौहान की कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर ले लिया गया है। गौरतलब है कि ब्यूरो ने ग्वाल पहाडी निवास वेदपाल की शिकायत पर डीएलएफ फेज-एक में तैनात सब इंस्पेक्टर विजेंद्र कुमार और सिपाही राजाराम ने उससे घूस मांगने के आरापे में 5, रुपये के साथ मंगलवार की रात गिरफ्तार किया था।

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