DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

स्वामी निगमानंद की मां की अर्जी खारिज

गंगा की पवित्रता और निर्मलता के लिए शहादत देने वाले मातृसदन के स्वामी निगमानंद सरस्वती की मौत पर उनकी मां कल्पना झा की ओर से खड़े किए गए विवाद को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने सीबीआई जांच को पर्याप्त बताकर नयी जांच की जरूरत से इनकार कर दिया है।


 स्वामी निगमानंद सरस्वती की मौत 13 जून 11 को हिमालयन इंस्टीट्यूट जॉलीग्रांट में हो गयी थी। मातृसदन के संस्थापक स्वामी शिवानंद सरस्वती ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान जहर देकर उनकी हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। इसी दौरान स्वामी निगमानंद सरस्वती की मां कल्पना झा ने यहां पहुंच कर स्वामी शिवानंद सरस्वती पर अपने पुत्र को बहला-फुसला कर अनशन के लिए तैयार करने के आरोप लगाये थे। आरोप लगाया था कि उनके खराब स्वास्थ्य और हाईकोर्ट अंतरिम आदेश को जानने के बावजूद उनके बेटे को अनशन समाप्त कराने का प्रयास नहीं किया था। इसके बाद परिजनों को अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने दिया।

कल्पना झा ने यह भी आरोप लगाये थे कि 1994 में उनका पुत्र स्वरूपम झा उर्फ निगमानंद मातृसदन के संस्थापक स्वामी शिवानंद सरस्वती के संपर्क में आया था। इसके बाद उन्हें वर्ष 98 में कुंभ के दौरान पता चला था कि उनका बेटा मातृसदन में रह रहा है। इस दौरान कई बार मिलने का प्रयास किया लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार श्रीवास्तव ने मामले की सुनवाई करकल्पना झा की अर्जी खारिज कर दी। कहा कि इस मामले की जांच पहले से ही सीबीआई कर रही है। देश में इससे बड़ी कोई जांच एजेंसी मौजूद नहीं है, ऐसे में कोई नई जांच कराना न्यायोचित नहीं है। इस बारे में वह अपने सभी दलीलें सीबीआई के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:स्वामी निगमानंद की मां की अर्जी खारिज