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अब तक नहीं देख सकी पति का चेहरा

लालबाग में मारा गया भाजपा कार्यकर्ता जयप्रकाश मूल रूप से गोरखपुर का रहने वाला था। वहां गांव में उसकी पहली पत्नी अपने दो बेटों के साथ रहती है। वह फिलहाल लालबाग में 38 वर्षीय राधा के घर में रहता था, जो खुद को उसकी दूसरी पत्नी बता रही है। उसने बताया कि वारदात के बाद से वह अपने पति का चेहरा तक नहीं देख पाई है। महिला के चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे व दो बेटियां हैं।

राधा ने बताया कि लालबाग स्थित घर में वह जयप्रकाश व अपने तीन बच्चों के साथ रहती थी। उसकी बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। जयप्रकाश पेंटिंग के ठेके लेता था, जबकि उसका बड़ा बेटा प्रवीण परचून की दुकान चलाता है। जयप्रकाश विदेश में भी नौकरी कर चुका था। मंगलवार रात लगभग 11 बजे राधा ने घर से कुछ दूरी पर लोगों की भीड़ देखी। उसने वहां से आ रहे लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि किसी व्यक्ति को झगड़े में चाकू मार दिया है। कुछ देर बात पड़ोसियों ने उसे बताया कि जयप्रकाश को चाकू मारा गया है। वह मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उसे अस्पताल ले जाया गया था। वह अस्पताल गई, लेकिन आखिरी बार पति का चेहरा देखना उसे वहां भी नसीब नहीं हुआ।

महिला के बेटे 18 वर्षीय प्रवीण ने बताया कि मंगलवार रात वह परचून की दुकान बंद करने के बाद घर में सो रहा था। देर रात उसे मां ने जगाया और बताया कि उसके पिता को चाकू मारा गया है। वह मौके पर पहुंचा तो पता चला कि उसके पिता को नजदीकी अस्पताल ले गए हैं। वह तुरंत बाबू जगजीवन राम अस्पताल पहुंचा, लेकिन वहां उसके पिता नहीं मिले। इसके बाद जब वह घर लौटा तो पता चला कि उसके पिता की मौत हो गई है। उसने बताया कि शाम को छह बजे ही उसके पिता घर से निकले थे। वह काम खत्म करने के बाद अधिकांश समय अपने दोस्तों के साथ ही रहते थे। पुरानी दिल्ली रेलवे पुलिस ने फिलहाल शव को सब्जी मंडी शवगृह में रखवा दिया है।

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