DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

स्वामी सानंद ने जंगल में शुरू किया जलत्याग तप

गंगा के मुद्दे पर सरकार की वादा खिलाफी से क्षुब्ध स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने मध्यप्रदेश में नर्मदा तट के जंगल में किसी अज्ञात स्थान पर मंगलवार से जलत्याग तपस्या फिर शुरू कर दी है। इसकी पुष्टि गंगा सेवा अभियानम् के सार्वभौम समन्वयक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने की।

जबलपुर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मध्य प्रदेश की गंगा सेवा समन्वयक सुश्री कल्याणी पांडेय से विचार विमर्श के बाद स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद मंगलवार दोपहर नर्मदा तट के जंगल पहुंचे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हमने सरकार को जो समय दिया था, उसने उसका सदुपयोग नहीं किया। सरकार ने हमारे साथ वादाखिलाफी की। ऐसे में फिर से तपस्या के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। प्रशासन हमारी तपस्या में बार-बार व्यवधान डाल रहा है। इसलिए इस बार अनशन के लिए गुप्त स्थान का चुनाव किया गया है। बताया कि अनशन और स्वामी सानंद के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी के लिए वीडियोक्लिप प्रतिदिन जारी की जाएगी।

वहीं मंडलीय अस्पताल में भर्ती गंगा प्रेमी भिक्षु ने भी एकांतवास की इच्छा जताई है। कहा कि एकांतवास में अनुष्ठान से ही तपस्या सफल होगी और प्रशासन बाधा नहीं डालेगा। डाक्टरों के अनुसार उनका ब्लड प्रेशर 102/ 60 और पल्स रेट 56 था। गंगा प्रेमी के समर्थकों ने अस्पताल में लगातार की जा रही फोर्स फीडिंग का विरोध किया है। वहीं लालीघाट (शंकराचार्य घाट) स्थित तपस्थली पर रिक्त स्थान की पूर्ति कर रहे ब्रrाचारी कृष्ण प्रियानंद मंगलवार को भी बैठे रहे। उनके समर्थन में दिन भर विभिन्न संगठनों के लोग पहुंचते रहे। कृष्ण प्रियानंद ने कहा कि गंगा की इस दुर्दशा को देखने से अच्छा है शरीर त्याग देना। इसी क्रम में स्वामी सानंद गुप्त स्थान पर गए हैं और उनके बाद एक-एक कर अन्य लोग भी जाएंगे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:स्वामी सानंद ने जंगल में शुरू किया जलत्याग तप