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खुद को चरित्रवान बताने की लगी होड़!

पटना। अतुल उपाध्याय। आयोग ने मांगा नहीं लेकिन ‘मैं चरित्रवान हूं’ का सर्टिफिकेट लेने के लिए जिलों में भावी प्रत्याशियों के बीच होड़ मची है। इतना ही नहीं कोई आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दौड़ लगा रहा है तो कोई अपनी आय का प्रमाण पत्र बनवाने के चक्कर में। यह सब चल रहा है नगरपालिका चुनाव में नामांकन की खातिर ताकि किसी प्रमाण पत्र की अनुपलब्धता के कारण उनको रिजेक्ट न कर दिया जाए।

मजेदार बात तो यह है कि यह पूरा मामला हवा में ही चल रहा है। किसने निर्देश दिया यह कोई नहीं बता रहा। बस अफवाह उड़ी और भावी प्रत्याशी प्रमाण पत्र बनवाने दौड़ पड़े। राज्य निर्वाचन आयोग भी भावी प्रत्याशियों के बीच आय, आवासीय और चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मची होड़ की खबर से हतप्रभ है।

जिलों से लगातार मिल रही ऐसी सूचनाओं के बाद आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नगरपालिका चुनाव के लिए ऐसे किसी प्रमाण पत्र की मांग नहीं की गई है। राज्य के संयुक्त निर्वाचन आयुक्त अहिभूषण पाण्डेय ने सोमवार को कहा कि नामांकन के लिए चरित्र प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र की न तो मांग की गई है और न ही उसकी आवश्यकता है।

नामांकन पत्र के साथ जो दस्तावेज की आवश्यकता है उसके बारे में जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। आयोग की वेबसाइट पर भी प्रत्याशियों के नामांकन को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई है। इसे कोई भी देख सकता है।

आयोग के अनुसार कई जिलों से ऐसी सूचनाएं आ रही हैं कि लोगों से यह कहा जा रहा है कि चुनाव लड़ने के लिए आय, आवासीय और चरित्र प्रमाण पत्र देना आवश्यक है जबकि आयोग की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया है।

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  • Web Title:खुद को चरित्रवान बताने की लगी होड़!