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बक्सर में नशाखुरानी गिरोह का भंडाफोड़

बक्सर ब्यूरो। बक्सर जीआरपी ने नशाखुरानी के सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ का दावा किया है। पुलिस ने छपरा जिले के तरैया थाने के उसरी चांदपुर निवासी अशोक महतो को गिरफ्तार किया है जिसे गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। उसके पास से चार मोबाइल सेट और एटीवॉन के टैबलेट भी बरामद किये गये हैं, जिसका इस्तेमाल लोगों को नशे में लाने के लिए किया जाता है।

बक्सर जीआरपी इंचार्ज रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि फरवरी माह के पहले सप्ताह में बक्सर-मोकामा पैसेंजर ट्रेन में दो युवकों को नशा खिलाकर लूटा गया था। सीतामढ़ी जिले के डुमरा थानाक्षेत्र के बनचौरी निवासी आलमगीर अंसारी के पुत्र मो. शाहीद व उनके फुफेरा भाई मो. अहमद अंसारी बक्सर से आरा जा रहे थे।

बक्सर स्टेशन पर ही उनसे मिले चार लोगों ने उन्हें नशायुक्त बिस्कुट खिला दिया, जिससे दोनों बेहोश हो गये। इसके बाद नशाखुरानी गिरोह के सदस्य दोनों के नकद रुपए व मोबाइल लेकर चलते बने।

थानाध्यक्ष ने बताया कि शाहीद के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई जिसके बाद जांच के क्रम में मिले सुबूतों के आधार पर छपरा के उसरी चांदपुर से अशोक महतो की गिरफ्तारी की गई।

पुलिस के मुताबिक अशोक महतो गिरोह का सरगना है और नशाखुरानी की वारदातों को अंजाम देने में उसका साथ तीन अन्य लोग देते हैं। उसके गिरोह में उसके चचेरे भाई लालू महतो के अलावा मुन्ना व संदीप भी शामिल हैं।

लूट का मोबाइल बरामदजीआरपी ने शाहीद से लूटे गये मोबाइल को अशोक महतो की चचेरी बहन उमरावती के घर से बरामद किया। उमरावती अमनौर (छपरा) की निवासी है। इसके अलावा तीन अन्य मोबाइल सेट भी बरामद किये गये हैं।

बक्सर जीआरपी इंचार्ज रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि अशोक महतो की गिरफ्तारी के लिए बक्सर से एसआई अरविंद कुमार के साथ पुलिस जवान शिवदत्त यादव और अजय कुमार को भेजा गया था। शैलेश का शागिर्द है अशोकपुलिस हिरासत में रखे गये अशोक ने बताया कि वह अपने ही गांव के निवासी शैलेश के संपर्क में आकर नशाखुरानी गिरोह से जुड़ा था।

शैलेश नशाखुरानी की तकनीक सीखने के लिए असम गया था और वहां से लौटकर गांव के कुछ अन्य लोगों को शामिल कर गिरोह बनाया। कुछ समय बाद अशोक महतो ने अपना अलग गिरोह बना लिया। उसने बताया कि उसरी चांदपुर व कौंध गांव के लगभग तीन दर्जन लोग नशाखुरानी गिरोह से जुड़े हैं।

मेडिकल हॉल से खरीदता था नशे की दवा ‘एटीवॉन’अशोक महतो ने पुलिस के सामने यह कबूल किया कि नशे के लिए इस्तेमाल में लाई जाने वाली दवा ‘एटीवॉन’ वो छपरा रेलवे स्टेशन के पास के एक मेडिकल स्टोर से खरीदता था। इस दवा को क्रीम वाले बिस्कुट में मिलाकर यात्रियों को खिलाता था और उनके बेहोश हो जाने पर सामान लेकर उड़ जाता था।

राजस्थान में भी है ठिकानाः अशोक महतो के गिरोह का ठिकाना राजस्थान में भी है। वहां अशोक और उसके गिरोह के लोग कई दिनों तक रहते थे और वहीं से ट्रेन में सवार होकर शिकार को फांसते हैं। अशोक ने बताया कि उसके गिरोह के लोग अक्सर जेनरल बोगी में वैसे यात्रियों को निशाना बनाते हैं, जो कम पढ़े-लिखे होते हैं।

खुद अशोक भी चौथी क्लास तक पढ़ा है। उसकी शादी हो चुकी है और दो बच्चों भी हैं।लड़ चुका है जिला पर्षद का चुनाव भीअशोक महतो ने खुद बताया कि वह तरैया से जिला पर्षद का चुनाव लड़ चुका है। चुनाव में उसके 1250 वोट आये थे और वो हार गया था।

होटल मालकिन की हत्या में भी नामजीआरपी के मुताबिक छपरा की एक होटल मालकिन की हत्या में भी अशोक महतो का नाम आया था। अशोक ने खुद भी बताया कि होटल मालकिन के दत्तक पुत्र ने उसकी हत्या कराई थी। फिलहाल अशोक महतो से पूछताछ के आधार पर पुलिस को कई अहम जानकारी हाथ लगी है जिसके आधार पर आगे की छानबीन जारी है।

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