DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सेमल में नहीं खिले फूल, मुरझाये किसानों के चेहरे

जिले के अधिकांश इलाकों में अब तक सेमल के पेड़ में फूल नहीं खिलने से किसान व कृषि वैज्ञानिक दोनों हैरान हैं। किसान जहां इसे दैविक प्रकोप बता रहे हैं वहीं कृषि वैज्ञानिक मौसम में तेजी से उतार-चढ़ाव को इसका कारण बताते हुए शोध की आवश्यकता जता रहे हैं।

पिछले सालों तक 15 मार्च के बाद सेमल के पेड़ में फूल खिलने लगते थे। मार्च बीतते-बीतते पेड़ लाल फूलों से लद जाता था। किसान फूलों को सूखाकर इसमें से सेमल की रूई निकालते थे। किसानों के मुताबिक एक बड़े पेड़ से औसतन एक से तीन क्विंटल रूई निकल जाती थी। इस वर्ष सरैया, पारू, मड़वन, साहेबगंज, मोतीपुर, कांटी आदि प्रखंडों में सेमल के अधिकांश पेड़ों में फूल लगे ही नहीं हैं।

सरैया के अशोक ठाकुर, राजेपुर (साहेबगंज) के शिक्षक पवन कुमार सिंह, कथैया (मोतीपुर) के प्रमोद सिंह, लालू छपरा (पारू) के मो. खालिद, बरौना (मड़वन) के पप्पू सिंह समेत अन्य इस स्थिति को देखकर चकित हैं। सभी सेमल के पेड़ में फूल नहीं लगने पर हैरानी जता रहे हैं।

जिला उद्यान अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष लम्बे समय तक ठंड जारी रहने का असर सेमल पर पड़ने की संभावना है। तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव व ग्लोबल वार्मिग के असर को भी नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। लेकिन, वास्तविक स्थिति का पता तो शोध के बाद ही चल सकता है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सेमल में नहीं खिले फूल, मुरझाये किसानों के चेहरे