DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सोमालिया के समुद्री डाकुओं का बंधक बना धनबाद का जीतेंद्र

सोमालिया के समुद्री डाकुओं के कब्जे में धनबाद का जीतेंद्र साव है। 25 साल के जीतेंद्र ईस्ट इंडिया शिपिंग कंपनी में मेरिन इंजीनियर हैं और पहली बार समुद्री सफर पर निकले थे। ईरान से तेल टैंकरों को लेकर सोमालिया के लिए रवाना हुए कंपनी के जहाज को समुद्र में दस्युओं ने अगवा कर लिया।

जहाज में विदेशियों के साथ 17 भारतीय क्रू मेंबर भी हैं। बंधकों में जीतेंद्र पूर्वी भारत का इकलौता शख्स है। जीतेंद्र समेत अन्य भारतीयों की सुरक्षित रिहाई के लिए शिपिंग कंपनी प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री व जहाजरानी मंत्री से मुलाकात के लिए एप्वाइंटमेंट लेने की कोशिश में है।

धनबाद के धनसार थाना क्षेत्र की एनबी साइडिंग कोलियरी कालोनी में रहने वाले जीतेंद्र ने दो माह पूर्व ही शिपिंग कंपनी में नौकरी पकड़ी थी। जीतेंद्र का छोटा भाई प्रेम कुमार साव, जो झरिया आईएसएल में दसवीं का छात्र है, ने हिन्दुस्तान को बताया कि दो दिन पूर्व पिता गया साव के नाम पर एक पत्र आया।

क्रूज लाइन शिपिंग मैनेजमेंट प्रा. लि. के नाम से भेजे पत्र में भाई जीतेंद्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने को कहा गया था। उन नंबरों पर संपर्क किया गया तो मालूम चला कि जिस जहाज में बतौर मेरिन इंजीनियर उनके भाई सवार थे, उसे सोमालिया के समुद्री सीमा पर दस्युओं ने अगवा कर लिया है।

जहाज में उनके भाई के अलावा 16 अन्य भारतीय भी हैं। जिनकी सुरक्षित रिहाई के लिए अगवा जहाजकर्मियों के परिवारों के साथ प्रधानमंत्री समेत अन्य मंत्रियों से मुलाकात की जाएगी।

मां-बाप का हाल बुरा
सात समुंदर पार जीतेंद्र के बंधक बनाए जाने की सूचना पर मां-बाप का हाल बुरा है। चारों भाइयों में सबसे कुशाग्र जीतेंद्र को मेरिन इंजीनियर बनाने के लिए पिता ने जिंदगीभर की जमापूंजी खर्च कर दी थी। दो दिन पूर्व जब छोटे बेटे प्रेम ने पिता को यह खबर दी तो गांव में कोहराम मच गया। मां चमेली देवी दिन-रात बेट के लिए छाती पीट रही हैं। पिता व भाइयों की भी स्थिति अलग नहीं है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सोमालिया के समुद्री डाकुओं का बंधक बना धनबाद का जीतेंद्र