DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा मुश्किल

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अब आसान नहीं होगा। आवेदक को पहले ड्राइविंग की ट्रेनिंग लेनी होगी। जिसका सर्टिफिकेट फाइल में लगाना अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लाइसेंस बनाने के लिए आवेदन किया जा सकेगा। जिला प्रशासन साल दर साल दुर्घटना के बढ़ते ग्राफ को कम करने के मकसद से इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है। बल्लभगढ़ में एक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोलने का प्रस्ताव हरियाणा सरकार को भेज दिया। इसका संचालन हरियाणा रोडवेज या फिर प्राइवेट एजेंसी के हाथों में होगा।


दरअसल, दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ के लिए एक हद तक ट्रैफिक नियमों की सीमित जानकारी भी वजह है। किताबी ज्ञान के आधार पर लोग पुलिस में ड्राइविंग का टेस्ट तो पास कर लेते हैं, लेकिन जब सड़क पर वाहन चलाते हैं तो उनका व्यवहार दूसरा होता है। खासतौर से भारी कॉमर्शियल वाहन, दुपहिया वाहन चालक दुर्घटना के ज्यादा शिकार होते हैं। नेशनल हाईवे या शहर की मुख्य सड़क दुर्घटना संभावित जोन है। बहरहाल, उपायुक्त डॉ. राकेश गुप्ता के निर्देशन में प्रशासन ने दुर्घटना का ग्राफ कम करने के मकसद से ड्राईविंग ट्रैनिंग सेंटर खोलने  की योजना बनाई है। इसको उपमंडल बल्लभगढ़ में खोलने की इच्छा है। आरटीए को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।


इसमें ट्रैफिक को लेकर सेंटर में समूची व्यवस्था की जाएगी। मसलन, रेडलाइट, चौराहे, रोड के सांकेतिक बोर्ड आदि की सुविधा होगी। जहां गाड़ी चलाने की ट्रैनिंग दी जाएगी। इस दौरान उसको रोड पर चलने की समूची जानकारी दी जाएगी। ताकि लाइसेंस लेने के बाद रोड पर सुरक्षित ड्राइविंग कर सके। अफसरों का कहना है कि मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। संभावना है सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी हरियाणा रोडवेज या फिर किसी संस्था को सौंपी जाएगी। जो ट्रेनिंग लेने वाले से बकायदा फीस वसूलेगी। इसके बाद उनको सर्टिफिकेट दिया जाएगा। लाइसेंस बनवाने के लिए तैयार की जाने वाली फाइल में लगाना होगा। इसके अलावा ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर करने के लिए रिसर्च भी किया जाएगा। इसके प्रथम चरण में भारी वाहन चालकों को ट्रैनिंग देने की योजना होगी। औद्योगिक इस नगरी में भारी वाहनों की आवाजाही काफी ज्यादा है। दूसरे प्रदेशों में माल भेजने का यहां कारोबार खूब होता है। यह प्रयोग सफल रहा फिर लाइट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ट्रैनिंग शुरू कर दी जाएगी।
-------------------
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के मौजूदा नियम

-रिहायशी प्रमाण पत्र का सबूत
-जन्म तिथि प्रमाण पत्र का सबूत
-पासपोर्ट साइज फोटो
-लर्निग बनने के बाद पक्का लाइसेंस बनवाने के लिए कंप्यूटर टेस्ट
-गाड़ी चलाकर दिखाना
-------------------
खास बातें

-जिले में अभी तक कोई ड्राईविंग ट्रैनिंग सेंटर नहीं है
-गुड़गांव में दुपहिया ट्रैनिंग सेंटर है
-मेवात में भी एक ड्राईविंग प्रशिक्षण संस्थान तथा ट्रैफिक रिसर्च सेन्टर खोलने की योजना है
-शहर में एक ट्रैफिक पार्क है। जिसमें स्कूली बच्चाों को ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी दी जाती है
-पक्का लाइसेंस देने से पहले ग्राउंड या फिर सड़क पर सिर्फ गाड़ी चलवाकर टेस्ट लिया जाता है
------------------
जितेंद्र दहिया, आरटीए फरीदाबाद: ट्रैफिक ड्राईविंग इंस्टीट्यूट खोलने के लिए हरियाणा सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी के बाद इस पर काम शुरू हो जाएगा। औद्योगिक नगरी होने के नाते यहां इस प्रकार का इंस्टीट्यूट होने की बेहद जरूरत है। ताकि प्रशिक्षित ड्राइवर तैयार किए जा सकें।
------------
फरीदाबाद हाइवे पर दुर्घटनाएं
वर्ष    दुर्घटनाएं    मौत
2004  1129   315
2005  650    285
2006  595    287
2007  287    238
2008  252    233
2009  698    251
2010 469  213
2011  470 195

नोट- इसमें पलवल के आंकड़े नहीं हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा मुश्किल