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महानगर में 41 जगहों पर अवैध पार्किंग

गाजियाबाद, हमारे संवाददाता

पार्किंग के नाम पर आपसे पैसा लेने वालों से नगर निगम ने पार्किंग शुल्क वसूलने का अधिकार छीन लिया है। यानि महानगर में आपसे पार्किंग फीस के नाम पर काटी जा रही पर्ची और वसूली दोनों अवैध हैं। एक अप्रैल से पार्किंग के सभी ठेके निष्प्रभावी हो गए हैं। सारी जानकारी होने के बावजूद नगर निगम के अधिकारी आंख बंद कर ली है।

इसके चलते पार्किंग माफिया 40 हजार से ज्यादा लोगों से अवैध वसूली करने में कामयाब रहे। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद नगर विकास मंत्री आजम खां ने पूरे प्रदेश में निगम-पालिका के वाहन पार्किंग के ठेके को 31 मार्च के बाद कैंसिल करने का आदेश दिया। नए आदेश में कहा गया कि पुराने पार्किंग ठेकेदारों को 10 फीसदी बढ़ाकर ठेका दे दिया जाए। इसी बीच तीन पहले एक और आदेश लखनऊ से आया। इसमें पहले के आदेश को निरस्त करते हुए नए सिरे से टेंडर कराने का आदेश दिया गया। निगम नए सिरे से सभी 41 पार्किंग स्थलों के टेंडर की तैयारी कर रहा है।

जबकि शहर के अधिकांश पार्किंग स्थलों पर निगम के पुराने ठेकेदारों द्वारा गाडिम्यों से पार्किंग वसूली जा रही है। करीब एक सप्ताह से यह खेल चल रहा है। मॉल्स-मल्टीप्लेक्स के सामने रोजाना वाहन खडेम् करने के बदले लोगों से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। जबकि नगर निगम 31 मार्च के बाद से पार्किंग ठेकों को निरस्त कर दिया है। आप्यूलेट मॉल शहर में जीटीरोड पर अतिव्यस्त ऑप्यूलेंट मॉल, समय करीब 4 बजे। नगर निगम द्वारा बीते वर्ष 2011-12 के लिए वाहन पार्किंग का ठेका दिया था। ठेका निरस्त होने के बावजूद रोजाना सैकड़ों दोपहिए-चारपहियों वालों से रंग वसूली जा रही है। शनिवार शाम करीब 5 बजे हिन्दुस्तान की टीम बाइक संख्या 7922 लेकर मॉल पहुंचा। पार्किंग में नगरनिगम के ठेकेदार ने पर्ची काटी, पर्ची संख्या 3750 लेकर टीम अंदर गई। लौटने पर पार्किंग एजेंट ने 5 रुपए लिया। यशोदा अस्पताल नेहरू स्टेडियम के पास यशोदा अस्पताल परिसर में हिन्दुस्तान की टीम शाम करीब साढ़े 5 बजे पहुंची। यहां अस्पताल के बाहर सड़क पटरी पर पार्किंग का खेल बदस्तूर जारी रहा। बाइक खड़ी करने के एवज में पर्ची काट दी गई। नगर निगम पार्किंग का दोनों जगहों पर बोर्ड भी लगा था। ये रकम ठेकेदारों की झोली में जा रही है।

 

पार्किंग रेट : नगर निगम के मुताबिक दोपहिया - 5 रुपए और चार पहियों का- 12 रुपए। लाखों की लगा दी चपत नगर निगम की 41 पार्किंग से निगम को सालाना 1.12 करोड़ की आय होती है। इस हिसाब से रोजाना निगम को 30, 684 रुपए की कमाई होती है। महानगर में निगम द्वारा छोड़े गए कुल 41 पार्किंग में प्रत्येक पर औसतन रोजाना करीब छह हजार वाहनों से शुल्क लिया जाता है। साफ है 7 दिनों से महानगर में चल रही अवैध पार्किंग में 42 हजार से ज्यादा वाहन स्वामियों की जेब पर पार्किंग माफियाओं ने 3 लाख से ज्यादा की चपत लगा दी है।

शहर में कुल पार्किंग- 41- वसुंधरा जोन में सबसे ज्यादा पार्किंग- 19- दूसरे नंबर पर सिटी जोन में पार्किंग- 16- पार्किंग से निगम को सालाना आय- 1.12 करोड़। ये हैं प्रमुख बड़ी पार्किंग- ऑप्यूलेंट मॉल, पुरानी सब्जी मंडी, पुराना बस अड्डा, यशोदा अस्पताल, प्रधान डाकधर नवयुग मार्केट, कलेक्ट्रेट कैंपस, एसएसपी कार्यालय के बाहर नाले पर, आईसीसीआई बैंक राजनगर, पीएनबी नवयुग मार्केट, इलाहाबाद बैंक नवयुग मार्केट, मोहननगर मंदिर, बीकानेरी लिंक रोड, पैसीफिक, स्वर्णजयंती पार्क इंदिरापुरम, डा.राम मनोहर लोहिया पार्क राजेन्द्र नगर, शिप्रा मॉल्स के सामने, जयपुरिया मॉल के सामने, महालक्ष्मी मॉल, महागुन मॉल, असंल प्लाजा वैशाली, शौप्रिक्स मॉल्स वैशाली। सोमवार से नया ठेका नगर निगम के संपत्ति प्रभारी टीपी वर्मा का कहना है कि शासनादेश के मुताबिक एक अप्रैल से सभी पार्किंग के ठेके को कैं सिल कर दिया गया है। अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ निगम कार्रवाई करेगा। सोमवार को नया ठेका दे दिया जाएगा।

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