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बिहार में तलाशी जाएगी ग्रामीण टूरिज्म की संभावना

पटना। बीआईए सभागार में शुक्रवार को राज्य में टूरिज्म की विभिन्न संभावनाओं पर जमकर चर्चा हुई। मौका था प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव और इंडियन ट्रस्ट फॉर रूरल हेरिटेज एंड डेवलपमेंट के अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा के साथ आयोजित विशेष बातचीत का। विषय था बिहार में टूरिज्म इंडस्ट्री का विकास।

मिश्रा ने कहा कि यहां कुछ समस्याएं हैं। लेकिन स्थिति काफी बदली है। हम यहां खासकर ग्रामीण टूरिज्म की संभावनाओं को समझने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी मुलाकात मुख्यमंत्री से भी हुई। और बातचीत काफी सकारात्मक रही है। उन्होंने कहा कि हम आनेवाले दिनों में बिहार के कई स्थानों का विश्लेषण करेंगे।

मिश्रा ने कहा कि जैन, बौद्ध और विभिन्न समुदायों से जुड़े स्थलों पर ध्यान देने की जरूरत है। बातचीत करते हुए कई सदस्यों ने उन्हें विस्तार से बताया कि बिहार में संपदाओं की कमी नहीं है। उन्हें सिर्फ विकसित करने की जरूरत है। बीआईए के अध्यक्ष केपीएस केसरी ने कहा कि आज हमने इस क्षेत्र के उस विद्वान के साथ बैठक रखी थी जिन्होंने हरियाणा टूरिज्म के जनक कहे जाते हैं।

केसरी ने कहा कि हमने यहां की दशा से अवगत कराते हुए उनसे एक बेहतर दिशा प्रदान करने की मांग की है। जिनके लिए उन्होंने जरूरत के अनुसार पूरी मदद की बात कही है। इस मौके पर जीपी सिन्हा ने कहा कि टूरिज्म इंडस्ट्री की बात तो हम खूब करते हैं लेकिन अभी भी टूरिज्म से जुड़े कई मामलों में अधिक गंभीर होने की जरूरत है।

इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र पी सिन्हा, तेजेश्वर झा और संजय गोयनका समेत बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) के सदस्यों के अलावा पर्यटन उद्योग से जुड़े कई शामिल हुए।

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