DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मुंबई के गुनहगारों पर होगी सीधी बात

चार साल पहले न्यूयॉर्क में जब पहली बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का आमना-सामना हुआ था तब मनमोहन सिंह ने उन्हें यह पूछकर बुरी तरह चौंका दिया था कि क्या आप दाऊद इब्राहिम को हमें सौंपना चाहेंगे? क्या आपके लिए यह संभव है?

जरदारी तब हक्के बक्के रह गए थे क्योंकि उन्हें अंदाजा नहीं था कि अपने शांत स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले मनमोहन सिंह उनसे पहली मुलाकात में ऐसा सवाल कर सकते हैं। पिछले चार साल में दोनों देशों में हालात काफी बदले हैं और केंद्र सरकार के सूत्रों की मानें तो मनमोहन सिंह एक बार फिर जरदारी को उसी तरह चौंका सकते हैं।

जरदारी रविवार को एकदिवसीय यात्रा पर भारत आ रहे हैं। पाकिस्तानी इसे निजी यात्रा बता कर ज्यादा उम्मीदें न लगाने की सलाह दे रहे हैं। मगर भारतीय खेमा खासकर प्रधानमंत्री पाक राष्ट्रपति से हाफिज सईद और मुंबई हमले के दूसरे गुनहगारों के बारे में दो टूक बातचीत करने के मूड में हैं। सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय ने 26/11 के आरोपियों का पूरा कच्चा चिठ्ठा प्रधानमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराया है। हाफिज सईद के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के बाद भारत पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा करने के लिए पहले से बेहतर स्थिति में है।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री का जोर इस बात पर होगा कि दोनों देशों की जनता आतंकवादी गतिविधियों से आजिज आ चुकी है। इस बात की पूरी संभावना है कि जरदारी मनमोहन सिंह को पाक यात्रा का निमंत्रण दें। पीएम साफ कर सकते हैं कि 26/11 मामले में पाक यदि भारत की चिंताओं पर कार्रवाई करता है तो वह वर्ष के अंत तक इस्लामाबाद जा सकते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मुंबई के गुनहगारों पर होगी सीधी बात