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कार्य क्षमता पर बुरा असर डालती है अधूरी नींद

 नई दिल्ली एजेंसियां।

काम के बढ़ते तनाव ने कर्मचारियों की नींद उड़ा दी है। इससे ऑफिस में उनका प्रदर्शन भी प्रभावित हो रहा है। उद्योग संगठन एसोचैम की ओर से शनिवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस के मद्देनजर किए गए एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। इसमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हजारों पेशेवर शामिल हुए। शोधकर्ताओं के मुताबिक 78 फीसदी कॉरपोरेट कर्मचारी मानते हैं कि वे रोजाना छह घंटे से कम सोते हैं।

इसका परिणाम थकावट और तनाव के रूप में सामने आता है। अनिद्रा के सबसे अधिक मामले दिल्ली में दर्ज किए गए हैं। इसके बाद मुंबई, अहमदाबाद, चंडीगढ़, पुणे और चेन्नई का नंबर आता है। इसके अलावा सर्वेक्षण में कहा गया है कि लगभग आधे लोग मोटापे से परेशान हैं। इससे उनमें डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ा है। एसोचैम के महासचिव डीएस रावत ने कहा कि कम सोने के व्यापक असर होते हैं, जिनमें तनाव, प्रदर्शन और ध्यान क्षमता में कमी शामिल है। कई लोगों को शारीरिक समस्याएं भी हो सकती हैं।

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