DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राकेश हत्याकांड के आरोपी को आजीवन कारावास

चकबंदी की नापतौल के दौरान हुए विवाद में हुयी हत्या के आठ आरोपियों में से एक को न्यायालय ने आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि सात आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार करहल थाना क्षेत्र के ग्राम नगला जाहर निवासी कृष्ण गोपाल की दो पुत्रियां थीं। उनमें से एक पुत्री सत्यभावा के बेटों को कृष्णगोपाल ने अपनी जमीन दे दी तथा दूसरी बेटी श्यामा देवी को जमीन के हिस्से की कीमत दे दी। कृष्ण गोपाल के इस फैसले से उसके परिजन रंजिश मानने लगे। 2 सितम्बर 2008 को चकबंदी विभाग के कर्मचारी खेतों की नापजोख करने आए थे। इस बीच नापजोख को लेकर विवाद हो गया। विवाद के बाद कृष्ण गोपाल का धेवता राकेश पुत्र धीरी सिंह मूल निवासी हुसैनपुर थाना खैरगढ़ जनपद फिरोजाबाद जब खेतों से गांव लौटा तो अपराह्न् करीब दो बजे ग्रामवासी क्षेत्रपाल, उसके बेटे रनवीर, पोखपाल के अलावा चरन सिंह, रनधीर, सतीश सिंह ने घेरकर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट सीपी सिंह ने न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान राकेश की हत्या में पोखपाल द्वारा तमंचे से फायर होने की बात सामने आई। इसी के आधार पर न्यायालय ने पोखपाल को आजीवन कारावास के अलावा 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुना दी। जुर्माना न अदा करने पर तीन वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनाई गयी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीसी अशोक कुमार ने की।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:राकेश हत्याकांड के आरोपी को आजीवन कारावास