DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

'राईट टू फूड' कानून लागू करने पर विचारः मुंडा

झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने शनिवार को कहा कि भुखमरी पर पूरी तरह रोक के लिए भोजन का अधिकार कानून लागू करने पर विचार किया जा रहा है। मुंडा ने यहां मिड डे मिल योजना के लिए निजी-सरकारी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर बने राज्य के पहले केंद्रीय रसोईघर का उद्घाटन करने के बाद आयोजित समारोह में कहा कि झारखंड में भोजन का अधिकार कानून लागू करने के लिए सभी संबंधित पक्षों से विचार विमर्श किया जा रहा है।

ऐसे कानून के लागू होने से कोई भूख से नहीं मरेगा। ज्ञातव्य है कि यहां रानीकुदर क्षेत्र में टाटा स्टील तथा इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन की सहायता से स्थापित इस विशाल अत्याधुनिक रसोईघर के माध्यम से पूर्वी सिंहभूम तथा सरायकेलाखरसावां जिलों के सरकारी अथवा सहायता प्राप्त स्कूलों के 65000 छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाला पैकेटबंद मिड डे मिल उपलब्ध कराया जाएगा।

इस काम के लिए टाटा स्टील के 22 वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। बाद में रसोईघर से एक लाख छात्रों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। समारोह में राज्य सरकार के प्राथमिक शिक्षा निदेशक बीके सक्सेना, टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक एच. एम नेरूरकर और इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन के निदेशक वेणुमाधव दास भी उपस्थित थे।

दास ने बताया कि देश में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने वाले सबसे बड़ा संगठन के तौर पर उनके फाउंडेशन में बिना हाथ से छुए भाप के जरिए भोजन बनाया जाता है। जमशेदपुर का रसोईघर देश में उनका ऐसा 25वां किचन बन गया है।

ज्ञातव्य है कि राज्य में मिड डे मिल योजना का कुल सालाना बजट लगभग 850 करोड़ रुपया है। यह कुल 45000 स्कूलों में लागू हैं जिनमें 40 हजार सरकारी तथा पांच हजार सहायता प्राप्त स्कूल हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:'राईट टू फूड' कानून लागू करने पर विचारः मुंडा