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पहले भारतीय अंग्रेजी उपन्यासकार भी थे बंकिम चंद्र

पहले भारतीय अंग्रेजी उपन्यासकार भी थे बंकिम चंद्र

वंदे मातरम गीत के रूप में भारत को उसकी व्यापक राष्ट्रीयता की पहचान देने वाले महान बांग्ला उपन्यासकार बंकिम चंद्र चटर्जी न केवल बंगाल के चुनिंदा लेखकों में एक थे, बल्कि उन्हें भारतीय अंग्रेजी साहित्य की शुरुआत का भी श्रेय जाता है।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर चमनलाल ने कहा कि चटर्जी ने कई उपन्यास लिखे और वह रवींद्रनाथ टैगोर तथा शरत चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे कई चुनिंदा लेखकों में एक थे।

उन्होंने कहा कि चटर्जी के बारे में विशेष बात यह है कि उन्हें भारतीय अंग्रेजी साहित्य की शुरुआत का श्रेय जाता है। उन्होंने पहला राजमोहन वाइफ उपन्यास अंग्रेजी में लिखा था।

चटर्जी का जन्म बंगाल के 24 परगना जिले के कांथलपाड़ा गांव में 27 जून, 1838 को एक ब्राहमण रूढ़िवादी परिवार में हुआ था। वह बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि थे। बताया जाता है कि उन्होंने एक ही दिन में अंग्रेजी वर्णमाला सीख ली थी। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मिदनापुर में हासिल की। उन्होंने हुगली के महासिन कॉलेज से पढ़ाई की और बाद में कलकत्ता के प्रेसीडेंसी कॉलेज से 1857 में बीए किया। वह कलकता विश्वविद्यालय से स्नातक करने वाले प्रथम दो छात्रों में एक थे।

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