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जरदारी की जियारत से पहले जुबानी जंग

रविवार को पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के भारत दौरे से ठीक पहले लश्कर सरगना हाफिज सईद के मुद्दे पर दोनों देशों में अचानक तनाव का माहौल बन गया है। जरदारी का जियारत के लिए अजमेर शरीफ जाने का कार्यक्रम है।

पाक पीएम की ओर से हाफिज सईद के बचाव पर विदेशमंत्री एस.एम. कृष्णा ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। कृष्णा की नाराजगी पाक प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के उस बयान पर है, जिसमें उन्होंने कहा है कि सईद पर कार्रवाई पाकिस्तान का अंदरूनी मामला है और अगर किसी के पास सईद के खिलाफ सबूत हैं तो पाक सरकार को सौंपे।

इससे पहले पाक विदेश विभाग के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने कहा कि भारत ने जो विवरण सौंपे हैं, उनमें गौर करने लायक कुछ नहीं है।  इस बीच, सईद के बारे में पाक ने यह नया शिगूफा छोड़ा है कि वह लोगों को आतंकवाद का रास्ता छोड़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी अभियान से जुड़े एक अधिकारी ने दावा किया है कि आतंकी गतिविधियों में लिप्त लोगों को सही रास्ते पर लाने और उनका पुनर्वास करने के सरकारी कार्यक्रम में हाफिज सईद पूरी मदद कर रहा है। पाकिस्तान ने जरदारी की यात्रा को निजी यात्रा कहा है। लेकिन कृष्णा ने यह स्पष्ट किया है कि जरदारी व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बातचीत में हाफिज सईद पर कार्रवाई का मामला भी उठेगा।

उधर, सईद ने ऐलान किया है कि अमेरिका की ओर से उसके सिर पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखे जाने को वह अंतरराष्ट्रीय अदालत में चुनौती देगा।

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