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रिश्ते की टूटी डोर बांधने में जिंदगी टूट गई

पुत्री की शादी के रिश्ते की टूटती डोर को बचाने के प्रयास में पिता और चचेरे भाइयों की जिंदगी की डोर टूट गई। पुत्री से शादी करने के लिए लड़के को मनाने जा रहे लड़की के पिता और उसके दो चचेरे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत होने से परिवार में मातम छा गया। विलाप करती पुत्री प्रीति के मुंह से बस यही निकल रहा था कि शादी में बड़ी बहन को आशीर्वाद कौन देगा।

हाथरस जिले के थाना सिकंदराराऊपुर के गांव भिसी गुलाबपुर निवासी वीरी लाल ने अपनी बड़ी पुत्री मीना की शादी पिलुआ थाना क्षेत्र के गांव नगला सैया निवासी केदारी लाल के पुत्र रमेश से तय की थी। इसी लड़के के परिवार में दूसरी लड़की प्रीति की भी शादी तय कर दी थी। दोनों लड़कियों की शादी एक मई को होनी थी।

छह अप्रैल को दोनों पुत्रियों की पीली चिट्ठी भेजने की तैयारी में वीरी लाल लगे थे। अचानक बुधवार को रमेश के पिता का फोन आया। फोन पर बात होने के बाद वीरी लाल के होश उड़ गए। चेहरे पर उदासी छा गई, उसकी एक पुत्री मीना के रिश्ते की डोर टूटने लगी थी। वह रात भर रिश्ते की डोर को बांधने के उपाय सोचना रहा।

गुरुवार को सुवह वीरी लाल अपने भतीजे राधे और कृष्ण कुमार को साथ में लेकर रमेश के घर पुत्री के रिश्ते की टूटती डोर को बांधने के लिए निकल लिया। लड़के के घर जल्दी पहुंचने के लिए वह भतीजों के साथ ट्रैक्टर पर बैठ गया। लड़के के घर पहुंचने से पहले ही सड़क हादसे में वीरी लाल और उसके दोनों भतीजों की जान चली गई।

पिता और चचेरे भाइयों की मौत होने की खबर लगते ही घर में कोहराम मच गया। पुत्री प्रीति और मीना का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। प्रीति पिता को याद कर कई बार बेहोश होकर गिरती रही। जब उसे होश आता तो वह अपने आप को कोसने लगती थी।

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